Benefit Of Investing In Shares

आपको इस Blog में शेयर में निवेश करने का फायदे (Benefit Of Investing In Shares) क्या क्या होता है साथ में आपको Share Market कितना safe है ये भी समझ में आएगा।

Growth Of Principal (मूलधन की वृद्धि)

यदि आपने शेयरों में पैसा लगाया है तो आपका मूलधन शेयरों के भाव में वद्धि के साथ-साथ बढ़ता जाएगा और इसके साथ Investors को कंपनी के वार्षिक मुनाफे का कुछ भाग फायदे के रूप में मिलता रहेगा।

यह देखा गया है कि Share Market (शेयर बाजार) में किया गए invest से Investors को सबसे ज्यादा Return (फायदा) मिलता है। यह सही है कि Share Market (शेयर बाजार) सबसे ज्यादा रिटर्न देनेवाला विकल्प है, लेकिन सबसे ज्यादा जोखिम भी यहीं पर है।

इसलिए Share Market (शेयर बाजार) की पूरी जानकारी होना जरूरी है। Investor को पता होना चाहिए कि वह कौन सा शेयर खरीदे और कब उसे बेचे।

कई बार तेजी के समय आपका मूलधन कई गुणा बढ़ जाता है, लेकिन वह वास्तविक नहीं होता है, जैसे वर्ष 2007 में कुछ शेयरों में 10 से 15 गुणा भी वृद्धि देखी गई। परंतु ऐसी वृद्धि स्थाई नहीं होती।

हाँ यह सही है कि कम समय में मूलधन को 50 से 100 प्रतिशत तक बढते देखना ही बहुत से लोगों का Share Market (शेयर बाजार) की ओर आकर्षित होने का कारण बना है।

लेकिन बहुत कम लोग ही अपने मूलधन को दोगुना व चौगुना करने में सफल हो पाते हैं। कारण साफ है, Share Market (शेयर बाजार) को समझकर शेयर का विश्लेषण कर जो पैसा लगाते हैं, वे ही सफल हो पाते हैं।

इसलिए बहुत जरूरी है कि पूरे धन को किसी एक शेयर में लगाने के बजाय उसे विभिन्न कंपनियों के शेयरों में लगाया जाए।

कहने का मतलब है कि सभी अंडे एक ही बास्केट में न रखें, वरना समझिए आपका मूलधन खतरे में है।

विश्लेषकों के अनुसार, एक आम Investor अगर समझदारी और बाजार की जानकारी के आधार पर काम ले तो तीन से पाँच वर्षों में अपना पैसा दोगुना कर सकता है।

यह सही है कि कुछ लोग इससे दस गुना अधिक भी लाभ कमाते हैं और इतना गँवाते भी हैं कि उन्हें अपने घर तक बेचने पड़ते हैं।

लेकिन लाभ या हानि इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पास कितना अनुभव एवं जानकारी है और आप अपने Invest पर कितना समय लगाते हैं।

मूलधन में वृद्धि के लिए यदि Fundamentally अच्छी कंपनियों के शेयरों में लंबी अवधि को ध्यान में रखकर Invest करें तो उसका सकारात्मक परिणाम मिलना तय है।

इसको इस उदाहरण से समझा जा सकता है। विश्लेषक के अनुसार यदि किसी व्यक्ति ने वर्ष 1977 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के IPO (Initial Public Offers) में 1,000 रुपए निवेश किए थे

तो उसकी कीमत वर्ष 2007 तक लगभग 10,40,000 रुपए हो गई तथा इस दौरान उस व्यक्ति को 40,000 रुपए लाभांश के रूप में भी मिले होंगे।

इस उदाहरण को पढ़कर आप यह मत समझिए कि Share Market (शेयर बाजार) में सिर्फ फायदा-ही-फायदा है। Share Market (शेयर बाजार) की दूसरी तसवीर भी है, जिसमें लाखों Investors को अपना घर-बार गिरवी तक रखना पड़ा और वे दिवालिया हो गए।

Share Market (शेयर बाजार) में हर्षद मेहता और केतन मेहता के वक्त आए ‘बुल रन’ में लाखों Share Holder (शेयर होल्डर) बरबाद हो गए थे।

Dividend Income (लाभांश की आमदनी)

यदि आप Share Hold शेयर होल्ड करके रखते हैं तो आपको Dividend के रूप में आय होती है। कंपनी अपने वार्षिक मुनाफे का कुछ भाग Dividend के रूप में शेयरधारकों को बाँटती है।

इसे आमतौर पर शेयर की Face Value के प्रतिशत या रुपए प्रति शेयर के हिसाब से दरशाया जाता है।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि आपके पास एन.टी.पी.सी. के 100 शेयर हैं और उस शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपए है।

अब अगर कंपनी 20 प्रतिशत या 2 रुपए प्रति शेयर लाभांश की घोषणा करती है तो आपको उन 100 शेयरों पर 200 रुपए मिलेंगे।

Share Market Is Completely Safe (शेयर बाजार पूरी तरह सुरक्षित है)

पहले लोग Share Market (शेयर बाजार) को सट्टा बाजार समझकर उससे किनारा करते थे, लेकिन अब यदि आप यहाँ अपनी पूँजी कंपनी के भविष्य के आसार ठीक जानकर किसी शेयर में डालते हैं तो आपके Invest को बहुत कम खतरा है।

SEBI (सेबी) की निगरानी में पूरी तरह कंप्यूटरीकृत हो गए इस बाजार में अब घोटाला संभव नहीं। इसलिए यदि आप विश्लेषण कर पैसा लगाएँ तो वह Invest होगा

यदि सुनी-सुनाई बातों के आधार पर, तुक्के पर शेयरों की खरीद-फरोख्त करेंगे तो यह ‘सट्टेबाजी’ कहलाएगी।

आपका नजरिया Investors का होना चाहिए, न कि सट्टेबाज का; क्योंकि सट्टेबाज हमेशा इस ताक में रहता है कि वह शेयरों के दामों में होनेवाले उतार-चढ़ाव पर अल्पकालिक मुनाफा कमा ले और इसके लिए वह बहुत बड़ी राशि को उधार पर भी ले लेता है।

जबकि Investors अपनी बचत की पूँजी का प्रयोग करता है। इसलिए Investors को चाहिए कि उसका मूल उद्देश्य शेयर के मूल्य में दीर्घकालीन वृद्धि और लाभांश के रूप में नियमित आमदनी का हो।

यदि आप Investors बने रहेंगे तो कम खतरे में ज्यादा मनाफा कमा सकेंगे। इसलिए यदि हमेशा दीर्घकालिक नजरिया (लॉन्ग टर्म एप्रोच) रखी जाए तो शेयरों में Invest से होनेवाला लाभ सबसे अधिक होगा।

Buying And Selling Very Easy (खरीद व बिक्री एकदम आसान)

प्रत्येक व्यक्ति की यह चाहत होती है कि वह जहाँ Invest करे, उससे उसे लाभ भी सबसे अच्छा मिले और यदि उसे पैसों की जरूरत पड़े तो वह तुरंत उस संपत्ति को बेच सके।

हालाँकि प्रॉपर्टी, सोना, बैंक सावधि जमा, पी.पी.एफ. आदि कई ऐसे Invest के प्रकार हैं, जो सुरक्षित भी हैं और लाभ Return (रिटर्न) भी अच्छा-खासा देते हैं।

लेकिन यदि Investors को अचानक पैसों की जरूरत पड़े तो वह उपर्युक्त Invest के विकल्प को यदि बाजार में बेचने जाएगा तो उसे एक तो इस प्रक्रिया में समय लगेगा, दूसरे उसे मनमाफिक कीमत भी नहीं मिल पाएगी।

वहीं यदि Investors के पास शेयर हैं तो वह फोन द्वारा या कंप्यूटर पर एक क्लिक के द्वारा उन शेयरों को बेचकर उन्हें नकदी में बदल सकता है।

निवेश की भाषा में इसे Liquidity (लिक्विडिटी) कहते हैं-अर्थात ‘सरल बिक्री’। आमतौर पर लोग वहीं Invest पसंद करते हैं, जहाँ बिना किसी झंझट के, उसे तुरंत ही नकद पैसे में बदला जा सकता हो।

दूसरी तरफ यदि आपके पास जायदाद या काई मूल्यवान् वस्तु है तो उसकी सुरक्षा तथा बैंक सावधि जमा या ऋणपत्र Bond (बांड) है ता पूर्व निर्धारित अवधि से पहले Invest से बाहर निकलना घाटे का सौदा रहता है।

Money Invested In Shares Is Safe शेयरों में लगाया पैसा सुरक्षित है

अकसर लोग Share Market (शेयर बाजार) में इसलिए Invest नहीं करते, क्योंकि उन्हें लगता है कि यहाँ पैसा सुरक्षित नहीं है। लेकिन यह धारणा बिलकुल गलत है।

यहाँ आपकी पूँजी उतनी ही सुरक्षित रह सकती है, जितनी Invest के अन्य पारंपरिक माध्यमों में। बस उसके लिए आपको कुछ नियमों का पालन करना होगा।

आप दीर्घकालीन Invest योजना की सहायता से बाजार में अस्थायी उतार-चढ़ाव से अपने Invest को सुरक्षित रख सकते हैं।

इसलिए यह कहना कि Share Market (शेयर बाजार) और शेयरों में लगाया हमारा पैसा असुरक्षित होता है, बिल्कुल बेबुनियाद तथ्य है।

Diversity Comes From Investing In Shares शेयरों में निवेश से मिलती है विविधता

शेयरों में विविधता (डायवर्सिफिकेशन) का लाभ मिलता है। आप अपने Invest को विभिन्न क्षेत्रों में काम करनेवाली अलग-अलग कंपनियों में बाँट सकते हैं।

आप पूरा Invest किसी एक क्षेत्र (सेक्टर की किसी एक कंपनी) में करने के बजाय अपनी पूँजी विविध क्षेत्रों (सेक्टर्स) में बाँटकर जोखिम को कम कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि आपने Power (ऊर्जा क्षेत्र), Infrastructure, Pharma, Chemicals, Capital Goods, Textile जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पूँजी को बाँट कर Invest किया है

तो यदि आज Textile Sector में तेजी नहीं है और Power Sector में तेजी है, तो एक जगह से मिला फायदा आपके नुकसान की भरपाई कर देगा।

Simplest To Handle सँभालना सबसे सरल

जहाँ सोने-चाँदी आदि को सुरक्षित रखना पड़ता है तथा प्रॉपर्टी आदि पर टैक्स व अतिक्रमण जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है, वहीं शेयर को सँभालना बहुत सरल है।

Demat Account में आपके शेयर इलेक्ट्रॉनिक फार्म में एकदम सुरक्षित रहते हैं। अतः इनके चोरी होने, नष्ट होने या खो जाने का खतरा बिलकुल नहीं है। लेकिन यह बात जरूर है कि शेयरों को सँभालने में आप कई बातों का ध्यान रखें,

जैसे ब्रोकर से कॉण्ट्रेक्ट नोट लेना, अपनी डी.पी. स्लिप सँभालकर रखना, लाभांश का हिसाब रखना, कंपनियों के नतीजों से अवगत रहना, ताकि आप सही समय पर शेयरों को खरीदने व बेचने का निर्णय ले पाएँ।

आप इसके लिए वित्तीय सलाहकार की सेवाएँ भी ले सकते हैं।

You Can Also Invest With Less Capital कम पूँजी के साथ भी कर सकते हैं निवेश

Share Market (शेयर बाजार) की तरफ आम आदमी के बढ़ते आकर्षण का एक और कारण यह है कि यहाँ कम पूँजी लगाकर भी Invest किया जा सकता है।

यही कारण है कि भारत में 5 करोड़ से ज्यादा शेयरधारकों में से ज्यादातर छोटे Investor हैं।

क्युकी अब ‘मार्केट लॉट’ तथा ‘ऑड लॉट प्रणाली’ समाप्त हो चुकी है, इसलिए आप किसी कंपनी का एक शेयर भी खरीदना चाहें तो खरीद सकते हैं।

।। धन्यवाद ।।

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श्रेणी: Share Market

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