Company Analysis – Comparable Company Analysis Method.

Comparable Company Analysis मे जिस Company का Valuation आप निकालते हो उसे उसकी जैसी ही  Similar Company के साथ Analysis किया जाता है

For Example:-

अगर आप किसी बडी IT जैसे कि TCS का Valuation Comparable Company Analysis से निकाल रहे हो तो आपको उसे उसके जैसे ही बड़ी IT Company के साथ Compare करना होगा

जैसे कि Infosys के साथ Compare करना होगा Similarly अगर आप Flipkart जैसी की बड़ी E-commerce Start-up का Valuation Comparable Company Analysis Method से निकाल रहे हों

तो आपको उसे आपकी जैसी ही बडी E-commerce Start-up से जैसे कि Amazon India से Compare करना होगा

आपने देखा होगा के बहुत सारे लोग Companies का P/E Ratio या EV/EBTID Ratio Compare करके बताते है कि कोंसी Company Undervalued है ? और कोंसी Overvalued तो वो Comparable Company Analysis करके ये पता करते है

Comparable Company Analysis में P/E Ratio, P/B Ratio, P/S Ratio, EV/Sales, E/V EBITDA etc. इन Ratios का उपयोग करके ये पता किया जाता है कि Companies Overvalued है या Undervalued.

For Example:-

अगर किसी Company का P/E Ratio उसके जैसे ही किसी बाकी Company P/E Ratio के Average से कम है

तो Comparable Company Analysis में ये माना जाता है कि Company Undervalued है। याने अगर ABC नाम की Company का P/E Ratio 30 है

अगर उस जैसी बाकी XYZ Companies का P/E Ratio Average 40 है तो Comparable Company Analysis में ये माना जाएगा कि ABC Company Undervalued है

इस तरह Comparable Company Analysis में Financial Matrix Compare करके पता किया जाता है, की Company Undervalued है

या Overvalued तो Comparable Company Analysis में Company की Intrinsic Value नही निकाली जाती उसमे बस Financial Matrix Compare किये जाते है

Generally E-commerce Company का Valuation Comparable Company Analysis से निकाला जाता है जिसमे उनके Gross Merchandise Volume (GMV) Compare की जय है

बहोत सारे लोग GMV का मतलब Revenue समझ बैठते है लेकिन GMV का मतलब Revenue नही होता GMV का मतलब होता है कि Transaction की Value.

For Example:-

अगर आप Flipkart से कोई 1000₹ की कोई चीज खरीदते हो तो वो Flipkart के GMV में Add हो जाएगी  ऐसे करके ऐसे जितने Transaction Flipkart पर हुए हैं

उन सबको मिलाकर Flipkart का GMV निकलेगा। वही अगर उस 1000₹ के Transaction पर Flipkart का 5₹ का Commission मिला है तो वो 5₹ उसे Transaction से मिला Revenue है

Comparable Company Analysis में आपको सबसे पहले जिस Company का Valuation आप निकाल रहे हो

उसके जैसे Similar Company ढूंढनी होगी जोकि Same Business में है और जिसका Size भी Same है। फिर आपको उसके Financial Matrix Compare करने होंगे

जैसे कि P/E Ratio, E/V EBITDA Ratio आदि। वो कौनसे Ratio है जिन्हें आपको Compare करना है ? ये आपको उस company या उस Industry को देखकर Decide करना होगा

Start-up के लिए आपको अलग Matrix Use करने होंगे और Stock Exchange पर Listed Companies की लिए अलग उसके बाद आपको उन Ratio का Detail analysis करना होगा

For Example:-

अगर किसी Company का P/E Ratio कम है तो आपको पता करना होगा कि वाकई में Company Undervalued है ? या फिर Companies में कुछ Problem चल रही है

Comparable Company Analysis का Main Problem ये है कि कोई भी Companies Exactly Similar नही होती उनके Goal अलग होते है उनके Vision अलग होते है। हाँ उनके Products या Services Same हो सकते हैं

पर उनकी Colette और Buisness करने का तरीका अलग होता है। इसलिए किसी Company  का Comparable Company Analysis Method से निकालना होतो

Valuation इतना Effective नही होता। क्योंकि Company की Future Growth से जुड़ी कोई भी चीज इस Method में Cover नही होती। और Company की Future Growth हि तो वो चीज़ है

जो आपको Stock Market में अच्छा Profit कमाकर दे सकती है। जितने भी Valuation Methods है

उन सबके अपने-अपने Pros and Cons है। तो कोंसी Method सबसे Best है ? ये इस चीज़ पर Depend करता है कि आप कोंसी Type की Company का Valuation निकाल रहे हो

तो यह थी Comparable Company Analysis Method.

।। धन्यवाद ।।

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