स्टॉक में निवेश करने के विभिन्न तरीके – Different ways to invest in stocks in hindi

शेयर बाजार में निवेश करने के कई तरीके हैं। छोटे निवेशकों, बडे निवेशकों तथा फंड मैनेजर्स आदि द्वारा शेयरों को चुनने का अपना तरीका होता है और वही तरीका निवेश संबंधी निर्णय और उससे मिली सफलता को एक ‘ट्रेंड’ के रूप में स्थापित करता है।

निवेश के लिए स्टॉक (शेयर) के चयन का भी एक विशेष तरीका होता है। बाजार के दिग्गज खिलाड़ी व फंड मैनेजर्स आदि का निवेश करने का अपना स्टाइल होता है।

कुछ निवेशक सिर्फ उन शेयरों में पैसा लगाते हैं, जो तेजी से बढ़ते हैं तो कुछ वैल्य स्टॉक को प्राथमिकता देते हैं।

एक निवेशक के लिए यह जानना जरूरी है कि विभिन्न शेयरों में कौन से शेयर किस तरह का प्रदर्शन करते हैं और उनसे लाभ पाने के लिए निवेश का कौन सा तरीका अख्तियार करना होगा? आइए, जानते हैं इनवेस्टर्स के बीच कितने तरह की स्टाइल लोकप्रिय हैं!

ग्रोथ स्टॉक (Growth stock)

ग्रोथ इनवेस्टिंग (Growth Investing) स्टाइल के अंतर्गत निवेशक उन स्टॉक्स (शेयरों) का चयन करता है, जिनमें इंडस्ट्री के अन्य प्लेयर्स की अपेक्षा (साथी शेयरों की अपेक्षा) ‘ग्रोथ पोटेंशियल हाई’ (तेजी से आगे बढ़ने की संभावना) हो।

यदि तेजी से बढ़ते हुए क्षेत्र (इमर्जिंग एरिया) से संबंधित स्टॉक है तो उनमें काफी ज्यादा ग्रोथ की संभावना होती है।

निवेशक तुरंत ऐसे स्टॉक की पहचान कर लेते हैं। वहीं कुछ निवेशक पहले तेजी से बढ़ रहे क्षेत्र (इमर्जिंग सेक्टर) की पहचान करते हैं और उस क्षेत्र (सेक्टर) में तेजी से आगे बढ़ रही कंपनियों का चयन कर उनमें निवेश करते हैं।

ऐसा माना जाता है कि ग्रोथ स्टॉक में निवेश करने से भविष्य में अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

ग्रोथ स्क्रिप्स का चयन करते समय यह देखना होता है कि उन विशेष शेयरों की अपनी साथी कंपनियों के शेयरों के मुकाबले अर्निंग ग्रोथ कितनी ज्यादा है।

ग्रोथ कंपनियों (तेजी से बढ़नेवाली कंपनियों) को परखने का सबसे सरल तरीका यह है कि उनकी बिक्री और मुनाफे का आँकड़ा तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई देता है।

यही कारण है कि इन कंपनियों में किया गया निवेश कंपनी की तेज ग्रोथ के कारण बाजार में ज्यादा लाभ प्रदान करता है। सेंसेक्स की मंथर गति तथा बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डालनेवाले कारकों से भी ये स्टॉक्स अप्रभावित रहते हैं।

यही कारण है कि बाजार में इन स्टॉक्स को अलग नजरिए से देखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि बाजार में ग्रोथ स्टॉक्स (Growth Stock) की वैल्यू अलग तरीके से आँकी जाती है और यही कारण है कि यह वैल्यूशन में भाग लेते हैं।

निवेशक ग्रोथ आधारित शेयरों में निवेश करने के लिए उच्च राशि अदा करने से भी नहीं हिचकते।

निवेश की यह स्टाइल बहुत लोकप्रिय है; क्योंकि ज्यादातर निवेशक यह सुनिश्चित कर लेना चाहते हैं कि उनके पोर्टफोलियो में जो शेयर्स हैं, उनकी कीमत भविष्य में बढ़नेवाली है.

वैल्यू स्टॉक (Value stock)

बाजार में कई फंड मैनेजर वैल्यू इनवेस्टिंग (Value Investing) तरीके से निवेश करते हैं । यह तरीका ग्रोथ इनवेस्टमेंट (Growth Investment) से बिलकुल भिन्न है।

वैल्यू इनवेस्टमेंट (Value Investment) तरीके में उन शेयरों का चयन किया जाता है, जिनका तात्कालिक बाजार मूल्य अपेक्षाकृत कम हो।

इन शेयरों में निवेश करके ऐसी स्थिति में लाभ उठाया जाता है, जब ये शेयर अपनी कंपनी की आंतरिक मजबूती से वास्तविक मूल्य प्राप्त कर लेते हैं।

बाजार में इस प्रकार के अंडर वैल्यू स्टॉक (Value Stock) की पहचान करने के कई तरीके हैं। किसी शेयर का पी/ई (प्राइस अर्निंग रेशियो) कम होना इसका सूचक हो सकता है।

कंपनी का कैश-फ्लो इसका सूचक हो सकता है। कंपनी के कैश-फ्लो (नकदी प्रवाह) तथ डिस्काउंटेड फ्यूचर अर्निंग को पी/ई रेशियो (P/E Ratio) के सापेक्ष में समझकर अंडर वैल्यूड शेयरों की पहचान की जा सकती है।

औसत से कम प्राइस/बुक रेशियो तथा अधिक डिविडेंड यील्ड भी ‘अंडर वैल्यूड शेयर’ के सूचक हैं। इसके अतिरिक्त इन शेयरों का गुणात्मक विश्लेषण भी जरूरी है कि ये शेयर किस बिजनेस से जुड़े हैं? इनका मैनेजमेंट कैसा है तथा इनके बिजनेस की भविष्य में क्या माँग है?

वैल्यू इनवेस्टिंग (Value Investing) के तरीके में निवेश के अच्छे परिणाम आने में समय लगता है क्योंकि वैल्यू इनवेस्टिंग (Value Investing) के तरीके में निश्चित रूप से यह नहीं कहा जा सकता कि कोई शेयर कब अपने वास्तविक मूल्य पर आएगा।

कई बार ऐसे परिणाम आने में कई साल लग जाते हैं। अत: लंबे समय के निवेशकों (लॉग टर्म इनवेस्टर्स) के लिए यह तरीका सुविधाजनक होता है।

निवेश के इन दो (ग्रोथ व वैल्यू इनवेस्टिंग) तरीकों के अतिरिक्त अन्य तरीके भी फंड मैनेजरों व निवेशकों द्वारा शेयरों के चयन के लिए अपनाए जाते हैं।

मोमेंटम इनवेस्टमेंट स्टाइल (Momentum Investment Style)

जो निवेशक अपने निवेश का शीघ्र लाभ उठाना चाहते हैं, वे इस प्रकार के निवेश का तरीका अपनाते हैं।

इसके तहत उन कंपनियों के स्टॉक्स का चयन किया जाता है, जो बाजार में तेजी से बढ़ती हैं। कई कंपनियों में नाटकीय रूप से वृद्धि होती है। उनका पी/ ई रेशियो बहुत ऊँचा होता है तथा बाजार में उनके स्टॉक्स का आकार काफी ज्यादा होता है।

जब ये कंपनियाँ बाजार में आशा से अधिक वृद्धि करने लगें, तब लाभ उठाने के लिए इन कंपनियों के स्टॉक में किया गया निवेश ‘मोमेंटम इनवेस्टमेंट’ कहलाता है।

ग्रोथ इनवेस्टमेंट (Growth Investment) तथा मोमेंटम इनवेस्टमेंट (Momentum Investment) में मूल अंतर यह है कि जहाँ ग्रोथ इनवेस्टमेंट (Growth Investment) में चयनित कंपनियाँ फंडामेंटल रूप से मजबूत होती हैं तथा लंबे समय तक उनकी आय में वृद्धि होती है,

वहीं मोमेंटम इनवेस्टमेंट (Momentum Investment) के तहत चयनित कंपनियों के फंडामेंटल पर ध्यान नहीं दिया जाता है, अपितु तात्कालिक ट्रेंड का लाभ उठाया जाता है।

मोमेंटम इनवेस्टमेंट (Momentum Investment) काफी कम समय (शॉर्ट टर्म) के लिए किया जाता है तथा निवेशक में जल्दी से स्टॉक बेचकर बाजार से निकलने की क्षमता होनी चाहिए।

डिविडेंड यील्ड इनवेस्टमेंट स्टाइल (Dividend Yield Investment Style)

निवेश के इस तरीके में शेयर के हाई डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) को ध्यान में रखा जाता है। । ऐसा माना जाता है कि हाई डिविडेंडवाले स्टॉक अन्य स्टॉक्स के मुकाबले, कुछ परिस्थितियों में अच्छा रिटर्न देते हैं।

यद्यपि लंबी अवधि के निवेश के नजरिए से निवेश का यह तरीका सही नहीं है; क्योंकि लंबी अवधि में इन शेयरों का डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) उच्च स्तर पर बना रहे

इसकी कोई गारंटी नहीं होती तथा लंबी अवधि के दौरान स्टॉक की कीमत में आया हुआ बदलाव डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) के लाभ को महत्त्वहीन भी कर सकता है।

।। धन्यवाद ।।

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श्रेणी: Share Market

3 टिप्पणियाँ

शेयर सूची (स्टॉक टेबल) को पढ़ने का तरीका - How To Read A Stock List In Hindi. · नवम्बर 10, 2020 पर 8:44 अपराह्न

[…] स्टॉक में निवेश करने के विभिन्न तरीके … […]

शेयर की कीमतों को प्रभावित करनेवाले कारक - Factors Affecting Share Prices In Hindi. · नवम्बर 11, 2020 पर 8:36 अपराह्न

[…] स्टॉक में निवेश करने के विभिन्न तरीके … […]

शेयर बाजार की शब्दावली - Share Market Terminology In Hindi. · नवम्बर 12, 2020 पर 9:06 अपराह्न

[…] स्टॉक में निवेश करने के विभिन्न तरीके … […]

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