क्या आपको पता है की एशियन पेंट्स कैसे बनी देश की नंबर १ पेंट कंपनी? – Asian Paints success story in hindi अगर आपको पता नहीं है तो आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़े.

एशियन पेंट्स कैसे बनी देश की नंबर १ पेंट कंपनी? – Asian Paints success story in hindi

आज हम एशियन पेंट्स के बारे में बात करेंगे कैसे एशियन पेंट्स की शुरुवात हुयी कैसे कंपनी की ग्रोथ हुयी कैसे कंपनी पिछले कई सालो से पेंट्स इंडस्ट्री पर राज कर रही है आपको आज के ये ब्लॉग से बिज़नेस के बारे और इन्वेस्टिंग के बारे में बोहोत कुछ सिखने को मिलेगा.

वर्ल्ड वॉर २ से पहले इंडिया में कुछ भारत की पेंट इंडस्ट्री थी और कुछ विदेशी पेंट इंडस्टी थी वर्ल्ड वॉर २ के अवधि में इंडिया में पेंट के इम्पोर्ट पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया।

जिससे इंडियन कंपनी को पेंट इंडस्ट्री को अच्छा अवसर मिल गया इस अवसर को देख कर २६ साल के चम्पकलाल चोकसी ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिल कर १९४२ में मुंबई में एशियन पेंट्स शुरू की चम्पकलाल चोकसी पेंट का उपभोग देखने के लिए मार्केट गए और फिर वो ट्रेंड्स और पैटर्न के अनुसार स्ट्रैटर्जी बनाते थे.

इस तरह स्ट्रैटर्जी बनाने पर और स्ट्रैटर्जी को इम्प्रूव करने पर वो काम करते थे उनोन्हे शुरुवात डेकोरेटिव पेंट्स की डेकोरेटिव पेंट्स के लिए सब जगह चुना इस्तेमाल किया जाता था.

तो चम्पकलाल चोकसी के सामने पहला चैलेंज ये था की एशियन पेंट्स को ब्रांड के तोर पर कैसे खड़ा किया जाये और उसके लिए उन्हें पेंट्स डिस्ट्रीब्यूटर का साथ चाहिए था और बड़े सिटी के डिस्ट्रीब्यूटर ने उन्हें इगनोर किया।

पेंट इंडस्ट्री में डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क बोहोत ज्यादा जरुरी होता है उसके बाद भी चम्पकलाल चोकसी के जूनून में कोई कमी नहीं आयी.

उसके बाद वो ग्रामीण एरिया में चले गए उन्होने अपनी पहेली डिस्ट्रीब्यूटर शॉप महाराष्ट्र के सांगली में खोली जोकि तब एक छोटा सा गांव था छोटी सिटी के दुकानदारों को भी डिस्ट्रीब्यूटर की बजाय सीधे कंपनी से जुड़ने में गर्व महसूस होता था और उन्हें पेंट्स अच्छे दाम में भी मिल जाता था.

चम्पकलाल चोकसी जी कंसम्पशन पैटर्न को कैसे अनलयसिस करते थे? और कैसे उसके लिए बेहतरीन स्ट्रैटर्जी बनाते थे? ये आपको आगे दिए हुए उदाहरण से पता चलेगा।

पोंगल जो की तामिलनाडु में मनाया जाता है और पोला महाराष्ट्र में मनाया जाता है इन दो फेस्टिवल में लोग बेल की पूजा करते है चम्पकलाल चोकसी ने देखा की इन त्योहारों में बेल के सींग को पेंट करने के लिए पेंट की अच्छी डिमांड होती है.

जिसके लिए ब्राइट पेंट की जरुरत होती है और वो भी कम क्वांटिटी में उनोने ये भी देखा की बेल अपने सींग कीचड़ में दाल देते है.

इसलिए पेंट्स की क्वालिटी जतदा देर तक टिकने वाली होनी चाहिए उनोने इस यूनिक अवसर को देखा और उसमे उत्तर गए इस अवसर का फायदा उठाने के लिए उनोने ब्राइट पैन्ट्स के छोटे छोटे डिब्बे लॉन्च किये अपने इस प्लान में एशियन पेंट्स को बोहोत अच्छा सक्सेस मिला।

चम्पकलाल चोकसी छोटी छोटी चीजों को अनलयसिस करके उसकी डिमांड पता करते थे और उसके नुसार प्रोडक्ट्स लॉन्च करते थे.

वो कहा करते थे की गरीब अपनी देहरी जरूर पेंट करेगा पूरा घर चाहे न करे और फिर वो उनके हिसाब से प्रोडक्ट्स बनाते थे इसलिए कहते है की जो कोई बिज़नेस आप करना चाहते हो या जिस बिज़नेस में आप इन्वेस्ट करना चाहते हो उसकी डीप अंडरस्टैंडिंग आपको होनी चाहिए।

जैसे जैसे एशियन पेंट्स की डिमांड बढ़ने लगी बड़ी सिटी के डिस्ट्रीब्यूटर जो पहले एशियन पेंट्स के प्रोडक्ट्स बेचना नहीं चाहते थे वो कंपनी के पास डिस्ट्रीब्यूटर शिप के लिए आने लगे चम्पकलाल चोकसी ने देखा की चुना जो है वो दीवार से निकल जाता है और कपड़ो को चिपक जाता है.

वही प्लास्टिक इम्म्युंशन जिसे जेनसन और निकलसन ने लॉन्च किया था उसमे ये सारे प्रॉब्लम नहीं थे पर वो चुने से ५ गुना महँगा था जिसकी वजह से लोग उन्हें खरीद नहीं पपा रहे थे और अपना काम चुने से ही चला रहे थे.

तो इस गैप को चम्पकलाल चोकसी ने देखा १९५० में एक वाशेबल डिस्टेंपर लॉन्च किया जो की चुना और प्लास्टिक इम्म्युंशन का बिच का प्रोडक्ट था एशियन पेंट्स का ये प्रोडक्ट्स आगे बोहोत ज्यादा सक्सेस हुआ इन सब सक्सेस के चलते १९६७ में एशियन पेंट्स इंडिया की सबसे बड़ी कंपनी बन गयी।

एशियन पेंट्स इंडिया की सबसे बड़ी कंपनी बनने के बाद चम्पकलाल चोकसी एहसास हुआ की कंपनी का ऑपरेशन और बढ़ाने के लिए अब कंपनी को बाहर की टैलेंट की जरुरत है यानि चम्पकलाल चोकसी और उनके तीन दोस्त बिज़नेस परिवार के अलावा कंपनी में बाहर के टैलेंट हायर करने की जरुरत है.

तो कंपनी अच्छे कॉलेजो से टैलेंटेड लोगो को हायर करने लगी प्रमोटर का ये डिसीज़न कंपनी के लिए आगे बोहोत फायदेमंद साबित हुआ कंपनी में १९७० और १९८० में हायर किये हुए लोग आज भी कंपनी के साथ है उनके से एक अमित सिंगल है जो की अब एशियाई पेंट्स के सीईओ है।

शुरुवात से ही एशियन पेंट्स ने टेक्नोलॉजी फोकस रखा कंपनी ने १९७४ के करीब पहेला मैनफ्रोंट कंप्यूटर ख़रीदा था उस टाइम बोहोत कम कंपनी के पास मैनफ्रोंट कंप्यूटर था बाकी कंपनी उसे पेरोल और अड्मिनिस्ट्रशन के लिए उसे उपयोग में लेते थे वही एशियन पेंट्स टेक्नोलॉजी में एक कदम आगे थी.

वो मैनफ्रोंट कंप्यूटर का उपयोग पेंट्स की डिमांड पता करने और उसका अंदाजा पता करने के लिए उपयोग में लेते थे ताकि उसके हिसाब से वो क्वान्टिटी बना सके और अपने इनवेंटरी को बढ़िया तरीके से मैनेज कर सके इस तरह डाटा एनालायसिस की मदत से ग्रो हो के उन्होने अपने कॉम्पिटेटर को बोहोत पीछे छोड़ दिया।

एशियन पेंट्स ने अपने कोर बिज़नेस पर हमेशा फोकस बनाये रखा जब की कंपनी का कॉम्पिटिटर जेनसन एंड निकोल्सोन अलग अलग बिज़नेस जैसे की होटेल्स, फाइनेंसियल सर्विसेस, वेइंग मशीन इनके बिज़नेस में डायवर्सिफाय होता चला गया.

इस प्रोसेस में उनका फोकस पेंट्स इंडस्ट्री से हट गया और पेंट्स इंडस्ट्री में उनका मार्केट शेयर लगातार घटता चला गया एशियन पेंट्स के सक्सेस में इनोवेशन का बोहोत बड़ा रोल है कंपनी डिमांड के नुसार नयी प्रोडक्ट रेंज इंनोवेट करती आयी है.

कंपनी ने हमेशा प्रोफेशनल को काम करने की आज़ादी दी है और जब कंपनी के प्रमोटर यानि चम्पकलाल चोकसी और उनके तीन फ्रेंड्स फॅमिली की सेकंड जनरेशन जब एशियन पेंट्स में आयी.

तब उन्हें साब तोर से ये कहदिया गया की वो प्रोफेशनल के काम में इंटरफ़ेस ना करे साथ ही कंपनी ने अपना डीलर नेटवर्क स्ट्रॉन्ग बनाया कंपनी की इस पूरी जर्नी में इफ्फेक्टिव विज्ञापन की मदत से कंपनी ने लोगो के दिमाग में ये फिक्स कर दिया की पेंट्स मतलब एशियन पेंट्स।

इस तरह डिमांड के अनुसार स्टेटर्जी बनाकर इनोवेशन और टेक्नोलॉजी का उपयोग करके प्रोफेशनल को हायर करके इफेक्टिव विज्ञापन और इफेक्टिव सप्लाई चेंज मैनेजमेंट इन सारे फॅक्टर ने मिलकर एशियन पेंट्स सक्सेस पेंट कंपनी बना दिया।

इंडिया की सबसे बड़ी पेंट कंपनी बनना बड़ा काम हे ही पर पिछले पचास से ज्यादा सालो से अपनी नंबर १ पोजीशन बनाये रखना अपने आप में बोहोत बड़ी बात है १९९१ से एशियन पेंट्स की शेयर प्राइस २५% कम्पाउंडेड एनुअल रिटर्न्स से बढ़ रही है.

हम आशा करते है की हमारी ये (एशियन पेंट्स कैसे बनी देश की नंबर १ पेंट कंपनी? – Asian Paints success story in hindi) ब्लॉग पोस्ट आपको पसंद आयी होगी अगर आपको शेयर मार्केट से जुड़ा कोई भी सवाल है तो आप कृपया कमेंट में जरूर पूछे।

।। धन्यवाद ।।

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