क्या आपको पता है की इंट्राडे ट्रेडिंग की शुरूआत – Top 8 Rules to Start Intraday Trading in Hindi अगर आपको पता नहीं है तो आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़े.

इंट्राडे ट्रेडिंग की शुरूआत – Top 8 Rules to Start Intraday Trading in Hindi

डे ट्रेडिंग की शुरूआत करने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पडेगा।

१. नियम हमेशा बदलते रहते है (Rules are Ever Changing):

हमारे अर्थतंत्र के ग्लोबलायजेशन (Globalization Of Economy) और इन्टरनेट प्रगती से देश और विश्वभर की नई नई जानकारी हमें हमेशा मिलती रहती है। इस कारण पूरी दुनियाँ के बाजार एक दुसरे के बहुत नजदीक आ गए है।

इसलिए उनमें घनिष्ठ सबंध निर्माण हो गए है। इस कारण से प्राईज अर्निग रेश्यो (P/E Ratio), टेक्निकल अनॉलिसिस और मार्केट ओपिनियन आदी के लिए जरूरी मूल्य फिर से लिखकर निश्चित किए गए है। यह नियम हर दिन या फिर हर घंटे में बदलते रहते है।

उदाहरण देकर बताना हो तो किसी कंपनी को कोई बड़ा ऑर्डर मिलने पर उसके परिणाम से एक ही दिन में उसके शेअर्स के भाव बढकर उपर जा सकते | है और दुसरे दिन इसी ऑर्डर के परिणाम से शेअर्स के भाव गिरकर एकदम से निचे आ सकते है।

इस तरह से डे ट्रेडिंग में समय समय पर बदलते रहनेवाले मूल्यों को आपको स्विकार करना पडता है।

२. डे ट्रेडिंग में हमेशा कमाई ही होती है इस भ्रम में मत रहिए (Remember Day Trading is not always a Win – Win Game):

अधिकतर ट्रेडरों का ऐसा मनना है कि डे ट्रेडिंग में ट्रेडर हमेशा कमाई करते है। परंतु वास्तविक रूप से देखे तो हमेशा ऐसा नहीं होता है। इस प्रकार का अनुमान अवास्तविक है।

डे ट्रेडिंग करके कमाई करना उतना आसान नहीं है।भगवान को छोडकर कोई भी व्यक्ति दिन के दरम्यान कौनसे स्क्रिप्ट में कितनी बढोतरी होगी यह निश्चित रूप से नहीं कह सकता।

३. डे ट्रेडिंग सिखते सिखते अपनी पूँजी का जतन करना चाहिए (Preserving Capital while Learning should be your Initial Expectation):

आप डे ट्रेडिंग की शुरूआत करने से पहले स्वयं को एक सवाल किजिए की आपकी अपेक्षा क्या है? थोडी सी ट्रेडिंग करके आप बडी रकम की कमाई करने का सोच रहे हो तो हम निश्चत रूप से कह सकते है कि आपके आयुष्य का बड़े से बडा आश्चर्य आपको डे ट्रेडिंग देखने मिलेगा।

डे ट्रेडिंग की शुरूआत करने से पहले आपकी अपेक्षा कम से कम होनी चाहिए। दुसरा यह कि आपके अपनी पूँजी का जतन करने की जादा से जादा कोशिश करनी चाहिए।

आप डे ट्रेडिंग सिख रहे है इसलिए थोडा बहुत फायदा कमाकर आपको अपनी पूँजी का जतन करना चाहिए। आप एक बात हमेशा ध्यान में रखिए की धिरे धिरे और दृढता से आगे जानेवाला ही हमेशा जीत हासिल करता है।

४. आपका कोई मार्गदर्शक होना जरूरी है (A Mentor is Needed):

डे टेडिंग में आप नए हो तो उस बारे में आपका मार्गदर्शन कर सके एसा काइ अनुभवी व्यक्ति आपके साथ होना आवश्यक है। शेअर बाजार शुरू होने के बाद डे ट्रेडर को शिघ्रता से निर्णय लेना पडता है।

यह निर्णय टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस, मार्केट न्यूज और अनुभव के आधार पर लेना पडता है। इस बारे में सोचने में जादा देर न लगाकर तुरंत निर्णय लेना चाहिए। इसके लिए बाजार का कोई अनुभवी व्यक्ति आपको मददगार हो सकता है।

५. स्वयं की मान्यता पर विश्वास रखिए (Develop Conviction):

डे ट्रेडिंग में सभी बातों का विश्लेषण करने का समय आपके पास नहीं होता। डे ट्रेडिंग में शिघ्रता से निर्णय लेना पडता है। स्वयं की मान्यता पर विश्वास रखकर आगे जाना महत्वपूर्ण होता है।

साधारण रूप से ऐसा देखने को मिलता है कि नए ट्रेडर छोटी छोटी घटनाएं और खबरों से डर जाते है। इसके विपरीत अनुभवी डे ट्रेडर उन बातों से विचलीत नहीं होते है।

इसी तरह से आपको डे ट्रेडिंग में विश्वास दिखाना चाहिए। एक अच्छा डे ट्रेडर छोटी छोटी बातों का अध्ययन करके और कई वर्षों के अनुभव से विकसित हुए विचार के आधिन रहकर ट्रेडिंग करके सफलता हासिल कर सकता है।

६. लिखित आयोजन तैयार किजिए (Creating a Written Plan):

आप हर दिन का ट्रेडिंग शुरू करे उससे पहले आपको जिन शेअर्स में ट्रेडिंग करना पसंद है ऐसे शेअर्स के नाम किसी डायरी में लिख लिजिए।

उनकी ट्रेडिंग किस तरह से करनी है उसका भी आयोजन तैयार किजिए। अनुभवी ट्रेडर इसके लिए परफेक्ट प्लान तैयार करते है और उस प्लान का उपयोग करके कामयाबी हासिल करते है।

दुसरे शब्दों में बताना हो तो डे ट्रेडिंग के लिए लिखित आयोजन तैयार करना जरूरी है। बाजार का माहौल हमेशा बदलता रहता है।

इसके लिए समय समय पर आपको आपके ट्रेडिंग प्लान का अध्ययन करते रहना पडता है। जरूरत पडे तो उसमें बदलाव भी करना पडता है। लिखित आयोजन की मदद से आप अपनी सफलता का अनुमान निकाल सकते है।

आपका परफॉरमन्स कैसा होगा इसका अंदाजा निकालने से आप इस लिखित आयोजन में चाहे वह सुधार कर सकते है। इस तरह से आप हर तीन महिनों के समय में अपने आयोजन को एक नया स्वरूप भी दे सकते है।

डे ट्रेडिंग करने के लिए आप स्वयं का एक प्लान तैयार किजिए। यह एक व्यक्तिगत प्रतिक्रिया है। डे ट्रेडिंग करने में आपका ध्येय क्या है वह भी लिखकर रखिए। इसके लिए आप स्वयं को ही कुछ महत्व के सवाल पुछकर निर्णय ले सकते है।

  1. आपको फुल टाईम डे ट्रेडर होना है या पार्ट टाईम?
  2. आपके परिवार का पालन पोषण करने केलिए आप पूरी तरह से डे ट्रेडिंग पर निर्भर है या उसके लिए कुछ और भी साधन है। आप डे ट्रेडर की तरह अपनी पहचान बनाना चाहते है या ट्रेडिंग की दुनिया में एक फायदा लेनेवाले व्यक्ति के रूप में प्रवेश करना चाहते है।
  3. ट्रेडिंग और उसके लिए जरूरी रिसर्च करने केलिए आप कितना समय दे सकते है?
  4. आपको डे ट्रेडर बनना है या स्विंग ट्रेडर (कुछ दिनों केलिए पोजिशन चालू रखनेवाला) या एक निवेशक बनना है?

७. हमेशा सिखते रहना (Keep on Learning):

साधारण रूप से ऐसा देखने को मिलता है कि डे ट्रेडिंग में प्रवेश करनेवाले ७० से ८० प्रतिशत ट्रेडर्स हमेशा कुछ ना कुछ गँवाते रहते है। इसलिए उन्हे डे ट्रेडिंग छोडना पडता है।अध्ययन और अनुशासन यही फर्क होता है सफल और असफल होनेवाले डे ट्रेडर में।

जो स्वयं को अच्छी तरह से सुशिक्षित करते है और अनुशासन के साथ जुड़े रहते है वही सुचार रूप से कामयाब डे ट्रेडर के रूप में उपर उठते है। जो ऐसा नहीं करते वह पराजित ही होते है और डे ट्रेडिंग छोडकर चले जाते है।

डे ट्रेडिंग में सफल होने की चाबी हमेशा सिखते रहने में ही है। ट्रेडिंग के हर दिन में कुछ तो नया सिखते रहकर आपको स्वयं की एक अनुशासित तरीका बाजार में ट्रेडिंग के लिए विकसित करनी चाहिए।

डे ट्रेडिंग की शुरूआत करने से पहले ही आपको अपने लिए डे ट्रेडिंग का एक तरीका ढूँढना चाहिए। उसमें आपके लिए फायदेमंद हो ऐसा एक आयोजन करना चाहिए।

डे ट्रेडिंग करने केलिए संख्याबद्व टेक्निक उपलब्ध है। इन सभी टेक्निक का मूल सिद्धांत एक ही है। कम भाव में खरीदिए और जादा भाव से बेचीए। डे ट्रेडिंग में सफलता हासिल करने केलिए यह एक बडी चाबी है।

अलग अलग ट्रेडिंग सिस्टीम अथवा ट्रेडिंग करने के तरीके सिखने की कोशिश किजिए। इन में से कौनसा सिस्टीम या तरीका आपके लिए अनुकूल है वह देखिए।

आपकी ट्रेडिंग स्टाईल के अनुसार कौन से तरीके मिलेंगे उनमें से सही तरीके का चयन किजिए। कौनसे सिस्टीम के अनुसार आपको हमेशा आपके ईच्छा के अनुसार परिणाम मिलते है उसका अध्ययन किजिए।

८. पेपर ट्रेडिंग (Paper Trading):

साधारण रूप से ऐसा देखने को मिलता है कि डे ट्रेडिंग में प्रवेश करनेवाले ७० से ८० प्रतिशत ट्रेडर्स हमेशा कुछ ना कुछ गवाँते रहते है।

इसलिए उन्हे डे ट्रेडिंग छोड देना पडता है। कुछ भी जानकारी के बिना वह डे ट्रेडिंग में कूद पडते है। इस कारण उस विषय के अज्ञानता और पेपर ट्रेडिंग न करने से उन्हे यह घाटा सहना पडता है।

डे ट्रेडिंग सिखते समय हमेशा एक बात ध्यान में रखनी चाहिए कि डे ट्रेडिंग सिखने से पहले पेपर ट्रेडिंग बहुत जरूरी है। पेपर ट्रेडिंग के लाभ निचे दिए है।

  • पेपर ट्रेडिंग से आपकी पूँजी का जतन होता है। डे ट्रेडिंग की शुरूआत करते समय पूँजी का जतन करना बहुत ही जरूरी है।
  • पेपर ट्रेडिंग से आपका आत्मविश्वास भी बढता है।
  • पेपर ट्रेडिंग की मदद से आप कोई भी ट्रेडिंग सिस्टीम का उपयोग करने से पहले उसे देख सकते है।

आपकी सटीकता ७५ से ८० प्रतिशत तक बढती नहीं तब तक आप पेपर ट्रेडिंग करना चालू रखिए।

हम आशा करते है की हमारी ये इंट्राडे ट्रेडिंग की शुरूआत – Top 8 Rules to Start Intraday Trading in Hindi ब्लॉग पोस्ट आपको पसंद आयी होगी अगर आपको शेयर मार्किट से जुड़ा कोई भी सवाल है तो आप कृपया कमेंट में जरूर पूछे।

।। धन्यवाद ।।

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3 Comments

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