How Stock market works

इस blog में आपको Stock Market काम कैसे करता है (how Stock market works in hindi) और Share Price उपर निचे कैसे होती है (How Stock Prices Change in hindi) इसकी पूरी जानकारी मिल जाएगी.

Stock में हज़ारो कंपनी होती है और इन कंपनी के Shares खरीदने या बेचने वाले लोग लाखो करोडो लोग होते हैं इन सभी को मिलके Stock Market बना है

Basically types of company

  1. Private limited company
  2. Public limited company

Basically दो types की कंपनी होती है Private limited company और Public limited company.

Private limited company की ownership बोहोत कम लोगो के पास होती है और हर किसी के लिए Available नहीं होती वहीँ दूसरी और Public limited company में ownership कोई भी ले सकता है.

मान लीजिये ABC नाम की एक कंपनी है जो कि सॉफ्टवेयर का कारोबार करती है ABC बढ़िया क्वालिटी के और कपिटोर के मुकाबले अच्छे सॉफ्टवेयर प्रोवाइड करती है.

जिसकी वजह से उनकी सॉफ्टवेयर की demand बढ़ने लगी उनके पास capacity से ज्यादा customer आने लगे और इसीलिए ABC ने अपना operation expand करने का फैसला किया

लेकिन अब दिकत ये है ABC कंपनी के पास operation expand करने के लिए sufficient fund ही नहीं है.

ऐसी सिचुएशन में सुफ्फिसिएंट फण्ड जमा करने के लिए कंपनी के पास दो कॉमन रास्ते होते है पहला है बैंक से लोन लेना उसे Debt financing कहते है दूसरा है कंपनी के shares बेच देना उसे equity financing कहते है.

अगर कंपनी बैंक से लोन लेती है तो उसे वो पैसा बैंक को refund करना होता है साथ में interest भी देना होता है.

वाही दूसरी और कंपनी शेयर बेचती है तो कंपनी को ना पैसा return करना होता है और बिज़नेस की रिस्क भी सारे invester के बीच बढ़ जाती है

इन सारी बातों का ध्यान रखते हुए ABC कंपनी ने अपने शेयर बेचने का फैसला किया.

इस तरह जिन लोगो ने ABC के शेयर्स ख़रीदे उने कंपनी का हिसा मिला और एब्स कंपनी को operation expand करने के लिए sufficient fund भी मिल गया.

How Stock Prices Change

जब buyers याने खरीदने वाले sellers से ज्यादा होते है तब shares की price बढ़ती है जब sellers यानि बेचने वाले buyers से ज्यादा होते है तब Shares की price कम हो जाती है.

ये रोज Stock Market की सभी कंपनी पर लागू होता है Stock Market में हर रोज Share खरीदने वाले भी होते है और Share बेचने वाले भी होते है इसीलिए Share की किम्मत हर दिन Change होती रहती है.

जब Sellers Aggressive होते है तब वो कम किम्मत में भी Share बेचने के लिए तैयार हो जाते है और फिर Share की price गिरना शुरू हो जाती है

शेयर की Price तब तक गिरती है जब तक buyers aggressive न हो जाये जब buyers aggressive हो जाते है तब Shares की price तब तक गिरती है

जब तक buyers aggressive न हो जाये जब buyers aggressive हो जाते है तब वो ऊंचे दाम पर भी Shares खरीदने को तैयार हो जाते है इस तरह shares का भाव उप्पेर नीचे होता रहता है.

इंडिया के दो मुख्य Stock Exchange है एक है National Stock exchange यानी (NSE) और दूसरा है Bombay Stock exchange (BSE) पूरी तरह computerize है.

NSE और BSE automatic maching system का इस्तेमाल करते है यानि buyers और seller price mach  हो जाती है तब transaction automatically पूरा हो जाता है.

अगर खरीदने वाले या बेचने वाले ज्यादा है तब time और price की priority के हिसाब से सारे transaction पुरे किये जाते है.

Stock market में हज़ारो कंपनी है और हर रोज market का हाल जानने के लिए इन हज़ारो कंपनी को track करना नामुकिन है

इस Problem का solution निकाल ने के लिए indices बनाए गए है जैसे की Nifty और Sensex.

Sensex (BSE) के अलग अलग सेक्टर के 30 वेल सेटेड कंपनी का free flot market capitalization weighted average है और Nifty (NSE) के 50 कंपनी का free flot market capitalization weighted average है.

हम indices को देखके पता लगाते है की आज stock market उप्पर है या निचे.

for example जब sensex उप्पर होता है यानि हर्रे निशाँन में होता है तब हम कहते है stock market उप्पर है जब sensex निचे होता है यानि लाल निशाँन में होता है तब हम कहते है की stock market निचे है.

Nifty और Sensex indian stock market की सेहत बताते है.

अगर आपको ये जानकारी पसंद आई तो निचे Comment में जरुर बताना.

|| धन्यवाद ||

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श्रेणी: Share Market

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