क्या आपको पता है की शेअर बाजार में प्रवेश और दलाल का चयन (How To Enter The Stock Market and Broker Selection in Hindi) अगर आपको पता नहीं है तो आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़े.

शेअर बाजार में प्रवेश और दलाल का चयन (How To Enter The Stock Market and Broker Selection in Hindi)

Table of Contents

शेअर बाजार में ट्रेडिंग करके बडी कमाई करनेवाले आपके आस पास कई लोगों को आप जानते होंगे।

उनकी तरह आपको भी शेअर बाजार में ट्रेडिंग करके अपना नसीब आजमाना होगा। मगर उसकी शुरूआत कैसे करनी चाहिए यह आपको पता नहीं है। तो फिर यह पाठ आपके लिए ही है।

इस पाठ में दलाल का चनाव कैसे करें और टेडिंग अकाऊंट किस तरह स खोलना चाहिए यह सभी जानकारी दी गई है।

डिमेट अकाऊंट खोलने की जानकारी (Demat Account Opening in Hindi):

डिमेट अकाऊंट द्वारा डिमटेरिअलाईज स्वरूप में शेअर्स और अन्य सिक्योरिटीज जमा या ऊधार कर सकते है। आप बँक में जिस तरह से खाता खोलते है उस तरह से डिमेट अकाऊंट भी खोल सकते है।

आपको पैसों की बचत करनी हो या बँक अकाऊंट में से किसी का पेमेंट करना हो तो उसके लिए खाता खोलना जरूरी है। उसी तरह से आपको अगर शेअर्स की खरीदी और बिक्री करनी हो तो आपको डिमेट अकाऊंट खोलना आवश्यक है।

डिमेट अकाऊंट खोलने के लिए आपको डिपोजिट पार्टिसिपेन्ट्स (डिपी) को संपर्क करना पडता है। डिपी, बँक के किसी शाखा की तरह से ही चलते है।

बँक की पासबूक और स्टेटमेन्ट की तरह डिपी में भी समय समय पर आपके शेअर्स का स्टेटमेन्ट मिलते रहता है। उसी तरह से आपके खाते के जरिए होनेवाले लेनदेन की भी उसमें जानकारी होती है।

एकबार आप डिपी में पहुच गए तो फिर डिमेट अकाऊंट खोलने के लिए आपको जरूरी मार्गदर्शन भी मिलता है। आपको डिमेट अकाऊंट खोलने केलिए एक फॉर्म भरना पडता है और साथ ही डिपी के साथ एक करार भी करना पडता है।

डिपी चलानेवाले आपकी पहचान और पते के सबूत केलिए कई दस्तावेज माँगते है। डिमेट अकाऊंट खोलने के लिए आवश्यक सभी दस्तावेजों की लिस्ट आगे दी है।

  • परमनेन्ट अकाऊंट नंबर (पॅन कार्ड) यह अब आवश्यक है।
  • बँक द्वारा प्रमाणित किया गया बँक खाते का सबूत।
  • बिजली का बिल या लँड लाईन टेलिफोन का बिल। रेशन कार्ड।
  • निचे दिए दस्तावेजों में से कोई भी एक फोटो आयडी।

– पासपोर्ट

– ड्रायविंग लायसेन्स

– मतदाता पहचान पत्र

– आधार कार्ड

इन सभी दस्तावेजों में से कुछ की झेरॉक्स कॉपी भी देनी पडती है। ओरिजनल दस्तावेजों की जरुरत व्हेरिफिकेशन के समय होती है। इस के साथ आपका पासपोर्ट साईज का एक फोटो भी देना पडता है। इस फोटो पर आरपार जाएगा ऐसा हस्ताक्षर करके देना पडता है।

नोट (Note):

१. आपने जिस डिपी में खाता खोला है वहा से डिलिवरी इन्स्ट्रक्शन बुक लेना पडता है। आपको किसी शेअर्स की बिक्री करने के बाद यह स्लिप भरके वह आपके डिपी के पास देनी पडती है।

यह स्लिप भर के देने के बाद आपकी सुचना के अनुसार आपके डिमेट अकाऊंट में से आपके शेअर्स दुसरे दिन आपके दलाल के खाते में जमा कर दिए जाते है।

ऐसी जानकारी देने में आप असफल हए तो आपके बेचे हए शेअर्स का एक्सचेंज द्वारा ऑक्शन किया जाता है।

इसके लिए आपको बहुत बडा जुर्माना भी भरना पडता है। ऐसी गलती के कारण शेअर बाजार में कमाई करने के बदले आपका नुकसान भी हो सकता है।

२. डे ट्रेडिंग में आपने खडी की पोजिशन उसी दिन में बंद करनी पड़ती है। इसलिए डिमेट अकाऊंट का उपयोग नहीं होता है।

मगर ब्रोकर के पास ट्रेडिंग अकाऊंट खोलने केलिए आपको किसी भी डिपी के पास अकाऊंट खोलना पडता है।

ब्रोकर के पास ट्रेडिंग अकाऊंट खोलना (Opening Trading Account with Broker):

स्टॉक ब्रोकर निवेशक और स्टॉक मार्केट में के मध्यस्था का काम करते है। इस बाजार में शेअर्स का लेनदेन शेअर दलाल (ब्रोकर) के जरिए होता है।

शेअर दलाल की मदद के बिना आप शेअर्स खरिद और बेच नहीं सकते। आप किसी भी सेबी दवारा रजिस्टर हुए ब्रोकर के पास आपका ट्रेडिंग अकाऊट खोल सकते है।

डिमेट अकाऊंट खोलने के लिए जिन दस्तावेजो की जरूरत होती है उन्ही की जरूरत खाता खोलने केलिए होती है। उसी तरह से डिमेट अकाऊंट होने की भी जरूरत होती है। बडे ब्रोकिंग हाऊस अब अपको ऑनलाईन शेअर्स की खरीदी और बिक्री की अनुमती देते है।

उसके लिए आपके पास मात्र अच्छा इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए। इंटरनेट की मदद से आपको चाहिए वैसा ट्रेडिंग के लिए सॉफ्टवेर डाऊनलोड या इंन्स्टॉल कर सकते है।

ऐसा करने से आप स्वयं अपने कॉम्प्युटर के सामने बैठकर शेअर बाजार में खरीदी या बिक्री कर सकते है।

शेअर ब्रोकर को मिलकर शेअर्स की खरीदी या बिक्री करनी हो या फिर टलिफोन पर ऑर्डर प्लेस करना हो तो ऐसे व्यक्ति को ऑफलाईन ब्रोकर के पास रजिस्ट्रेशन कर लेना चाहिए।

अगर आपको स्वयं को डे ट्रेडिंग करना हो तो आप ऑनलाईन ट्रेडिंग करने के विकल्प का अवलंब कर सकते है ऐसा हमारा व्यक्तिगत मत है।

डे ट्रेडिंग करनेवालो को ऐसे ब्रोकर का चयन करना चाहिए कि जो आपका ऑनलाईन और ऑफलाईन दोनो प्रकार की सेवा उपलब्ध कराके दे सकता हा।

किसी भी समय अगर पॉवर गया तो आप अपने ब्राकर को फोन करके उसकी मदद से अपना ऑडर बुक कर सकते है।

ब्रोकर का चुनाव करते समय निचे दी बाते ध्यान में रखीए (Points to be Considered for Selection of Broker):

  1. आपके घर के अधिक पास हो ऐसे ब्रोकर का चुनाव कीजिए।
  2. सेबी में रजिस्टर हुए ब्रोकर का चुनाव कीजिए।
  3. ब्रोकर कौन कौन सी सेवाए दे सकता है यह दखिए (बी.एस.ई, एन.एस.ई, एफ अँड ओ, कमोडिटिज आदी)।
  4. ब्रोकरेज रेट (दलाली की दर)।
  5. खरीदी या बिक्री का ऑर्डर उनके जरिए देना यह कितना आसान है वह देखना (ऑनलाईन ट्रेडिंग अथवा टेलिफोन पर ट्रेडिंग दोनो सुविधा हो तो ऊत्तम)।

ट्रेडिंग अकाऊंट खोलना (Opening of Trading Account in Hindi):

ब्रोकर के पास ट्रेडिंग अकाऊंट खोलने के लिए उनकी माँग के अनुसार कई दस्तावेज आपको देने पडते है। इन दस्तावेजों में आपका पहचान पत्र और घर का पता इसका भी समावेष होता है।

ट्रेडिंग अकाऊंट खोलने के लिए आवश्यक सभी दस्तावेजों की लिस्ट निचे दी है।

  • परमनेन्ट अकाऊंट नंबर (पॅन कार्ड) यह अब आवश्यक हुआ है।
  • बँक द्वारा प्रमाणित किया गया बँक खाते का सबूत।
  • बिजली का बिल या लँड लाईन टेलिफोन का बिल।
  • रेशन कार्ड।
  • निचे दिए दस्तावेजो में से कोई भी एक फोटो आयडी।

– पासपोर्ट

– ड्रायविंग लायसेन्स

– मतदाता पहचान पत्र

– आधार कार्ड

इन सभी दस्तावेजों में से कुछ की झेरॉक्स भी कॉपी देनी पडती है। ओरिजनल दस्तावेजो की व्हेरिफिकेशन के समय जरूरत होती है।

इस के साथ आपका पासपोर्ट साईज का एक फोटो भी देना पडता है। इस फोटो पर आरपार जाएगा ऐसा हस्ताक्षर करके देना पडता है।

ऑनलाईन ट्रेडिंग सिस्टम के दो प्रकार (Two Types of Online Trading Environments):

१. सॉफ्टवेअर पर आधारीत ट्रेडिंग टर्मिनल (Software Based Stock Trading Terminal):

सॉफ्टवेअर पर आधारीत ट्रेडिंग टर्मिनल के लिए आपके कॉम्प्यूटर में ट्रेडिंग सॉफ्टवेअर डाऊनलोड और इंन्स्टॉल करना आवश्यक होता है। यह सॉफ्टवेअर ब्रोकर देता है।

यह सॉफ्टवेअर चल सके इसके लिए हायस्पिड इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होती है। आपका डे ट्रेडिंग व्हॉल्यूम अधिक हो तो ही ब्रोकर आपके लिए ट्रेडिंग टर्मिनल उपलब्ध कराके देता है।

फायदा (Advantages):

  • आपका ऑर्डर ब्रोकर टर्मिनल में नहीं बल्कि सिधे स्टॉक एक्सचेंज में जाती है और आपके ऑर्डर पर अमल जलद होता है।
  • ट्रेडर्स को चाहिए वह सभी जानकारी ट्रेडिंग टर्मिनल के एक ही स्क्रिन पर उपलब्ध होती है। यह टर्मिनल स्क्रिन पर स्टॉक मार्केट का चार्ट, लेनदेन के आँकडे, चेतावनी और साथ ही शेअर बाजार से संबंधित खबरें भी दिखाता है।

नुकसान (Disadvantages):

  • स्थल की मर्यादा, आपने जहाँ पर कॉम्प्युटर रखा है और उसमें ट्रेडिंग के लिए जरूरी सॉफ्टवेअर इंन्स्टॉल किया है उस वक्त आप वहा नहीं हो तो ट्रेडिंग करना असंभव होता है।
  • इसके लिए हायस्पिड इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होती है।
  • शेअर्स का व्हॉल्यूम बहुत कम है ऐसे ट्रेडिंग करनेवालो के लिए टर्मिनल उपलब्ध नहीं होता है।

२. इंटरनेट पर आधारीत ट्रेडिंग के लिए अॅप्लीकेशन (Internet Based Trading Application):

इस प्रकार के ट्रेडिंग के माहौल में कोई भी सॉफ्टवेअर इंन्स्टॉल करने की जरूरत नहीं होती है। आप वेबसाईट पर जाकर ट्रेडिंग कर सकते है।

वह वेबसाईट साधारण रूप से इंटरनेट कनेक्शन द्वारा दुनियाँ के किसी भी कोने में से खोली जा सकती है।

डे ट्रेडिंग के लिए यह सिस्टम योग्य नहीं पर जिस ऑफिस में सॉफ्टवेअर पर आधारीत ट्रेडिंग टर्मिनल्स ब्लॉक (बॅन्ड) है वहा पर ट्रेडिंग का यही एक मार्ग ही उपलब्ध होता है।

फायदा (Advantages):

  • ब्रोकर के ऑफिस में गए बिना आप ट्रेडिंग कर सकते है।
  • बाजार में फिलहाल जो स्थिति है वह देखने को मिलती है। उसके साथ ही ऐतिहासिक डेटा और ग्राफ भी देखने को मिलते है।
  • आपको पब्लिक ईश्यू, म्युच्युअल फंड और बॉन्ड में निवेश करने केलिए भी वह मदद करते है।
  • आप अपने ट्रेडिंग का इतिहास चेक कर सकते है। साथ ही किसी भी समय डिमेट अकाऊंट का और बँक अकाऊंट का बॅलेन्स भी चेक कर सकते है।
  • मार्केट वॉच, ग्राफ और स्टॉक का विश्लेषण करने के लिए ऑनलाईन मध्यस्था उपलब्ध कराते है।
  • शेअर्स की खरीदी और बिक्री करने के लिए ऑफलाईन ऑर्डर भी आप दे सकते है। शेअर बाजार में कोई भी माहौल तैयार हो तो उसकी आपको कल्पना देने केलिए एसएमएस (SMS) और ई मेल (Email) द्वारा अलर्ट किया जाता
  • ई मेल या चॅटिंग के जरिए कस्टमर सर्विस भी आप पा सकते है।
  • संपूर्ण सुरक्षा के साथ लेन – देन कर सकते है।

नुकसान (Disadvantages):

  • वेब साईट के स्पिड की समस्या के कारण कई बार वेबसाईट बहुत ही धिमी गती से खुलती है। इसलिए आप ट्रेडिंग नहीं कर सकते।
  • कॉम्प्युटर और इंटरनेट की जानकारी ना होनेवालो को यह सिखना एक जटिल प्रक्रिया लगती है।
  • इसमें दलाली की दर थोडा अधिक होता है।

ऑनलाईन ब्रोकिंग सेवा उपलब्ध कराके देनेवाले कुछ बडे ब्रोकर्स की सुची निचे दी है (List of Major Top 10 Online Brokers):

  1. Zerodha
  2. Upstox
  3. ICICIDirect
  4. Angel Broking
  5. HDFC Securities
  6. 5paisa
  7. Kotak Securities
  8. Sharekhan
  9. Motilal Oswal Securities
  10. Axis Direct

हम आशा करते है की हमारी ये शेअर बाजार में प्रवेश और दलाल का चयन (How To Enter The Stock Market and Broker Selection in Hindi) ब्लॉग पोस्ट आपको पसंद आयी होगी अगर आपको शेयर मार्किट से जुड़ा कोई भी सवाल है तो आप कृपया कमेंट में जरूर पूछे।

।। धन्यवाद ।।

Important Links:-

Open Demat & Trading Account in Zerodha – https://zerodha.com/?c=NH6775

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3 टिप्पणियाँ

जोखीम का नियमन और नियंत्रण - Risk Management In Stock Market Hindi · जनवरी 12, 2021 पर 8:07 अपराह्न

[…] शेअर बाजार में प्रवेश और दलाल का चयन (How … […]

डे ट्रेडिंग करते समय ध्यान में रखने की कुछ बाते - Intraday Trading Rules In Hindi · जनवरी 12, 2021 पर 8:09 अपराह्न

[…] शेअर बाजार में प्रवेश और दलाल का चयन (How … […]

डे ट्रेडर को टालनी चाहिए ऐसी बातें - Intraday Market Guide In Hindi · मार्च 4, 2021 पर 3:45 अपराह्न

[…] शेअर बाजार में प्रवेश और दलाल का चयन (How … […]

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