इस Blog में Top 8 Stock Investing Tips for Beginners in Hindi की पूरी जानकारी हिंदी में आपको मिल जाएगी।

Top 8 Stock Investing Tips for Beginners in Hindi

Risk Profile (जोखिम उठाने की क्षमता) :-

बसे पहले अपना Risk Profile तय कर लें। अर्थात् यह जान लें कि आप Invest (निवेश) के मामले में कितना जोखिम उठा सकते हैं।

आपका Invest (निवेश) आपके Risk Profile के अनुसार ही होना चाहिए। Risk Profile आपकी उम्र, निजी जिम्मेदारियों, सरप्लस आमदनी या बचत और आर्थिक व पारिवारिक हालात पर निर्भर करता है।

25 वर्ष की उम्र का एक नौकरीपेशा व्यक्ति 53 वर्ष के किसी नौकरीपेशा आदमी की तुलना में कहीं ज्यादा जोखिम उठा सकता है।

Share Market (शेयर बाजार) में Invest (निवेश) का फॉर्मूला यही है—’ज्यादा जोखिम. ज्यादा मुनाफा’। दूसरी ओर, यदि आप में ज्यादा जोखिम उठाने की क्षमता नहीं है

तो आप Bond, Fixed deposit (सावधि जमा), PPF., Post office saving scheme आदि में Invest (निवेश) करें।

बाजार में देर कभी नहीं.

जो लोग ऐसा सोचते हैं कि बाजार में Invest (निवेश) करने में उन्हें काफी देरी हो गई है तो यह सही नहीं है। यह ठीक है कि 23 से 30 वर्ष की उम्र में चूँकि आपके ऊपर ज्यादा जिम्मेदारियाँ नहीं होती हैं,

आप अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा Share Market (शेयर बाजार) में लंबी अवधि के लिए लगा सकते हैं;

लेकिन यदि आपकी उम्र 50 वर्ष है तो भी आप अपने जोखिम को देखते हुए Invest (निवेश) कर अच्छा लाभ पा सकते हैं।

Research Required (रिसर्च जरूरी) :-

Share Market (शेयर बाजार) में एंट्री लेने से पहले थोड़ा Research कर लेना जरूरी है। यह Research आपकी निजी स्थिति (Risk Profile , आय आदि) और आप कैसे शेयरों में Invest (निवेश) करना चाहते हैं,

इस पर निर्भर होनी चाहिए। चूँकि अलग-अलग कंपनियों की अपनी अलग-अलग खूबियाँ व खामियाँ होती हैं, इसलिए Research जरूरी है।

इसके लिए कंपनियों के Quarter (तिमाही) व Annual Results (वार्षिक नतीजे), Cash flow (नकदी प्रवाह), Market cap (बाजार पूँजी), पिछले साल के अंदर कंपनी की माली हालत, बाजार में उसका प्रदर्शन आदि बातों से जुड़ी जानकारी जुटाकर उनका अध्ययन कर लेना सही होगा।

बुरा झेलने के लिए तैयार रहिए.

आपके द्वारा तमाम जानकारियाँ व होमवर्क कर लेने के बाद शेयर में पैसा लगाने के बाद भी इस बात का दावा नहीं किया जा सकता कि आपका निष्कर्ष गलत साबित नहीं होगा।

हाँ, यह सही है कि आपके द्वारा की गई स्टडी से आप ‘सेफ गेम’ जरूर खेल सकते हैं।

Always Decide For Yourself (हमेशा खुद फैसला लें) :-

दूसरे लोगों से सलाह जरूर लीजिए, लेकिन उस सलाह पर फैसला आपका होना चाहिए। दरअसल होता यह है कि जब एक बार Share Market (शेयर बाजार) में Invest (निवेश) करना शुरू कर देते हैं

तो उसमें दिलचस्पी लगातार बढ़ती जाती है। फिर यह दोस्तों के बीच चर्चा के विषयों में शुमार हो जाती है।

ऐसी चर्चाओं से मिले किसी टिप्स पर सीधे अमल करने के बजाय आप अपनी स्टडी और अपने विवेक के आधार पर फैसला लें।

Value Stock or Growth Stock (वैल्यू स्टॉक या ग्रोथ स्टॉक) :-

Investors (निवेशकों) में दोनों तरह के स्टॉक लोकप्रिय हैं। Value Stock में पैसा लगानेवाले तत्काल लाभ (प्रॉफिट) की चाह में Invest (निवेश) करते हैं,

जबकि Growth Stock में Invest (निवेश) करनेवाले तत्काल के बजाय भविष्य में अच्छा लाभ (रिटर्न) मिलने की उम्मीद से पैसा लगाते हैं।

लेकिन जोखिम को संतुलित करने के लिए बेहतर है कि आप दोनों तरह के स्टॉक में Invest (निवेश) करें।

Why Invest – निवेश क्यों ?

आप Share Market (शेयर बाजार) में Invest (निवेश) करने से पहले स्वयं से यह सवाल पूछिए कि आप Invest (निवेश) क्यों करना चाहते हैं?

अपनी आय बढ़ाने के लिए, अतिरिक्त पैसे को ठिकाने लगाने के लिए? जल्द सेवानिवृत्ति पाने के उद्देश्य से या फिर सेवानिवृत्ति के बाद अच्छी आर्थिक स्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आप Invest (निवेश) करना चाहते हैं?

यदि आपने एक बार यह जान लिया कि आप किस उद्देश्य से Invest (निवेश) करना चाहते हैं, तो आप Invest (निवेश) का सही विकल्प तय कर सकेंगे।

Savings And Investment (बचत और निवेश) :-

आय में से सारे खर्च निकालकर जो धन शेष रहता है, वह ‘बचत’ है। इस बचत को अच्छे रिटर्न के उद्देश्य से प्रयोग में लाना ‘Invest (निवेश)’ कहलाता है।

दरअसल आय और बचत का अनुपात यह बताता है कि आपको Share Market (शेयर बाजार) में कितना Invest (निवेश) करना चाहिए।

पहले एक उदाहरण पर गौर करें-एक व्यक्ति की मासिक आमदनी 17,000 रुपए प्रतिमाह है। अपने तथा परिवार के खर्चे निकालकर वह प्रतिमाह 3,000 रुपए तक की बचत का लक्ष्य रखता है।

इस प्रकार वह एक वर्ष में 36,000 रुपए तक की बचत कर सकता है। परंतु Inflation (मुद्रास्फीति) के चलते यदि खुदरा वस्तुओं पर Inflation (मुद्रास्फीति) की वार्षिक औसत दर 12 प्रतिशत मानें तो उसकी प्रभावी बचत 31,680 रुपए ही रह जाएगी,

बशर्ते वह अपनी बचत को कहीं पर भी Invest (निवेश) नहीं करता। अब यदि वह Invest (निवेश) के परंपरागत तरीकों को अपनाकर बैंक, पोस्ट ऑफिस या प्रोविडेंट फंड में Invest (निवेश) करता है

तो अधिकतम 8.5 प्रतिशत तक ब्याज मिलेगा। तब भी उसकी प्रभावी बचत अपने मूल ।

आकार से कम होगी; क्योंकि Inflation (मुद्रास्फीति) की औसत दर (बाजार के अनुभव से) हर हाल में वित्तीय संस्थानों द्वारा दिए जानेवाले ब्याज से अधिक होगी।

ऐसे में यदि यह व्यक्ति पूँजी बाजार के सुरक्षित रास्तों से Invest (निवेश) करता है, जैसे । ‘SIP’ के जरिए Mutual Fund (म्यूचुअल फंड) इत्यादि में तो उसे 10 से 20 प्रतिशत तक रिटर्न मिलना संभव है, जो Inflation (मुद्रास्फीति) को पछाड़ सकता है।

इसलिए व्यक्ति द्वारा की गई बचत या अतिरिक्त धन को पूँजी बाजार में इस प्रकार उपयोग करना, जिससे Inflation (मुद्रास्फीति) को दर को परास्त करनेवाला रिटर्न मिल सके, वह ही ‘Invest (निवेश)’ कहलाता है तथा यही इसका महत्त्व है।

हम आशा करते है की हमारी ये (Top 8 Stock Investing Tips for Beginners in Hindi) ब्लॉग पोस्ट आपको पसंद आयी होगी अगर आपको शेयर मार्किट से जुड़ा कोई भी सवाल है तो आप कृपया कमेंट में जरूर पूछे।

।। धन्यवाद् ।।

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श्रेणी: Share Market

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