क्या आपको पता है की टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस कैसे करें ? – Learn Technical Analysis In Hindi अगर आपको पता नहीं है तो आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़े.

टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस कैसे करें ? – Learn Technical Analysis In Hindi

आप यह ब्लॉग पढना शुरू करे इससे पहले हमें टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस के बारे में एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण बात आपको बतानी है।

सैकडों टेक्निकल निर्देश (इंन्डिकेटर) होते है। उनमें से लगभग सभी कभी ना कभी काम करते है परंतु उसमें से हर इंडीकेटर हमेशा काम नहीं करता है। हर एक इडीकेटर हमेशा काम करने लगा तो प्रत्येक खिलाडी उसका उपयोग करेगा

और उससे संबंधित उसकी मुल प्रकिया ही बदल जाएगी। अलग अलग इंडिकेटर अलग अलग स्टॉक पर और अलग अलग समय पर काम करते है।

“There are hundreds of technical indicators. Almost all of them work some of the time, but none of them work all of the time. If they did, then everyone would use them, and the underlying pattern they predicted would change! Different indicators work on different stocks or even different industries and of different times.”

टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस (Technical Analysis In Hindi):

पिछले कुछ सालों में टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस की लोकप्रियता बढी है। जादा से जादा लोग ऐसा मानते है कि शेअर्स का भुतकाल का परफॉमर्स उसके भावी परफॉरमर्स का मजबूत निर्देश देता है।

टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस बाजार में घटने वाली घटनाओं के आधार पर अथवा शेअर्स के भुतकाल के भाव और वॉल्युम का विश्लेषण करके शेअर्स का मुल्य निश्चित करने की एक प्रकिया है।

टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस की मदद से शेअर्स के अंतरिक भाव को ढूंढने की कोशिश नहीं की जाती। उसके बदले टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस करने वाले शेअर्स के उतार चढाव की पुरानी प्रकिया अर्थात स्टॉक के चार्ट पर दिए गए निर्देश से भाव का अंदाजा लगाते है।

टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस के तीन मूल सिध्दांत (Three Core Principles of Technical Analysis In Hindi):

१. बाजार सब जानकारी दर्शाता है। (Markets Reflect Everything):

वास्तविक भाव के उतार चढाव पर परिणाम करनेवाली सभी बातों की बाजार को जो जानकारी है और उन बातों को दर्शाने का काम बाजार का वर्तमान भाव करता है।

उनमें शेअर्स की डिमांड और सप्लाय, साथ ही राजकीय परिबल और मार्केट के सेंटीमेंट की जानकारी, जैसी सभी बातों को शामिल किया जाता

२. ट्रेंड के अनुसार भाव में बढत या गिरावट होता है (Prices Move in Trends):

मार्केट के ट्रेंड पर से ही शेअर्स के ट्रेंड का अदांजा निकाला जा सकता है। डे ट्रेंडीग में सफलता के लिए इस विचार का अनुकरण करना जरूरी है।

भाव मुख्य रूप से तीन दिशा में जा सकता है। भाव बढ़ सकता है या घट सकता है या फिर स्थिर रह सकता है।

ट्रेंड की पहचान करना बहुत ही आसान बात है। चार्ट से साधारण रूप से बाजार के वर्तमान ट्रेंड का निर्देश मिलता है।

चार्ट के इस ऊंचे निचे विभाग में ही ट्रेंड का संकेत समाया होता है। जब भाव उपर जाता है तब बाजार के ट्रेंड तेजी की दिशा में जा रहा है ऐसा अंदाजा निकाला जाता है।

उसी तरह से, जब भाव निचे की दिशा में जाता हो तो बाजार में मंदी का माहौल है ऐसा माना जाता है।

भाव एक ही जगह पर स्थिर रहकर दोनों दिशा में बढता हो तो बाजार की स्थिति मजबुत है ऐसा माना जाता है।

३. इतिहास का पुनरागमन होते रहता है (History Tends to Repeat Itself):

टेक्निकल अॅनालिसीस के बारे में देखा जाए तो शेअर्स के भाव पर परिणाम करनेवाली ट्रेडर्स की मानसिकता बहुत ही महत्वपूर्ण परिबल है। मानव का स्वभाव पूनरावर्तन करने का होता है।

इस परिणाम से शेअर्स का भाव पैहले जैसा जाते हुए दिखता है। इस पर से ऐसा अंदाजा निकाला जाता है कि इतिहास का पूनरावर्तन होता ही है।

इस परिणाम से ही डे ट्रेडींग करनेवालों के लिए टेक्निकल अॅनालिसीस से शेअर्स के भविष्य के भाव का अंदाजा हासिल करते है।

टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस द्वारा दी गई इस जानकारी का उपयोग करके ट्रेडर्स स्वयं के हिसाब से ट्रेडिंग करके फायदा कमाने का आयोजन कर सकते है।

टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस के फायदे (Advantages of Technical Analysis In Hindi):

१. शुध्द (प्योर) टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस के विषय में स्पष्टीकरण करने के लिए बहुत कम समय लगता है। ऐसे टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस का पूरा सिस्टम मेकॅनिकल बनी हुई होती है।

२. टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस की मदद से ट्रेडर को या निवेशकों को उनके निवेश के निर्णय का विश्लेषण करने में मदद होती है।

टेक्निकल अॅनालिसीस वास्तविक घटना के घटने से पहले ही उनके या कंपनीयों के फंडामेंटल का अंदाजा दर्शाते है।

३. टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस के तमाम परिणाम और निर्देशकों की तुलना भुतकाल की स्थिति के साथ करके शेअर्स के भाव की दिशा निश्चित की जाती है।

४. कम किमत में बाजार में कंप्युटर उपलब्ध होने के कारण टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस का उपयोग करना एकदम आसान हो गया है।

आजकल टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस के लिए और चार्ट तैयार करने के लिए संख्याबध्द सॉफ्टवेअर उपलब्ध है। वह आपको शेअर्स खरीदने या बेचने के लिए निर्देश देने में मददगार हो सकते है।

५. टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस का उपयोग करके बाजार में ट्रेडिंग करना एक अनुशासित कार्य समझा जाता है क्योंकि उसमें स्टॉपलॉस थिअरि का उपयोग किया जाता है।

टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस की मर्यादाए (Limitations of Technical Analysis In Hindi):

१. टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण नहीं है क्योंकि वह सिर्फ भाव की जानकारी के आधार पर ही भविष्य में आने वाले भाव का अभ्यास करते है।

टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस कितने काम करता है इसका पुनरावलोकन करने के लिए ट्रेडर को उसके ट्रेडिंग सिस्टम पर लगातार नजर रखनी पडती है।

२. टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस सिखना आसान है। परतुं उसका उपयोग करना और उस पर प्रभूत्व हासिल करना कठिन है।

जादातर ट्रेडर टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस के लिए अलग अलग मार्ग का उपयोग करते है। इसी कारण आप स्वंय के ही विश्लेषण का ठिक तरह से फॉलोअप नहीं कर पते और आपका फायदा होते होते कई बार घाटा हो जाता है।

हम आशा करते है की हमारी ये टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस कैसे करें ? – Learn Technical Analysis In Hindi ब्लॉग पोस्ट आपको पसंद आयी होगी अगर आपको शेयर मार्किट से जुड़ा कोई भी सवाल है तो आप कृपया कमेंट में जरूर पूछे।

।। धन्यवाद ।।

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7 टिप्पणियाँ

Bhooshan kalra · जनवरी 20, 2021 पर 7:11 अपराह्न

Sir I will like to follow u with promptly in hindi I m new once again thanks

Ghanshyam manikpuri · जून 8, 2021 पर 7:28 पूर्वाह्न

आपने बहुत ही अच्छी जानकारी दी है, बहुत अच्छे तरीके से हर बात को समझाया है।

आपकी हरेक बात आसानी से समझ में आ गई है।

चार्ट के प्रकार - Types Of Charts In Stock Market · जनवरी 20, 2021 पर 9:21 अपराह्न

[…] टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस में बार चार्ट बहुत प्रसिद्ध है। वह बाजू में दिखाया गया है। खडी लाईन का सबसे ऊपर का पाँईट उस दिन का सबसे ऊँचा भाव दिखाता है (Highest Price of the Day) और सबसे निचे का पाँईट दिन का सबसे निचा भाव (Lowest Price of the Day) दिखाता है। […]

चार्ट के प्रकार - Types Of Charts In Stock Market In Hindi · जनवरी 24, 2021 पर 12:46 अपराह्न

[…] टेक्निकल अ‍ॅनालिसीस में बार चार्ट बहुत प्रसिद्ध है। वह बाजू में दिखाया गया है। खडी लाईन का सबसे ऊपर का पाँईट उस दिन का सबसे ऊँचा भाव दिखाता है (Highest Price of the Day) और सबसे निचे का पाँईट दिन का सबसे निचा भाव (Lowest Price of the Day) दिखाता है। […]

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