क्या आपको पता है की मनी मार्केट और कॅपिटल मार्केट क्या होता है? – Money Market and Capital Market in Hindi अगर आपको पता नहीं है तो आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़े.

मनी मार्केट और कॅपिटल मार्केट क्या होता है? – Money Market and Capital Market in Hindi

मार्केट एक ऐसी जगह होती है जहा Buyers और Sellers मिलते है और ट्रान्सेक्शन करते है जैसे हमें हर रोज लगने वाली प्रोडक्ट या चीजे कही से भी खरीद सकते है वैसे हम फाइनेंसियल इंस्ट्रूमेंट जैसे की स्टॉक, बॉण्ड, ट्रेज़री बिल, Etc. कही से भी नहीं खरीद सकते है।

जहाँ पर लोग फाइनेंसियल इंस्ट्रूमेंट का लेन-देन करते है उसे Financial Market कहते है Financial Market के दो प्रकार है।

  1. मनी मार्केट (Money Market)
  2. कॅपिटल मार्केट (Capital Market)

मनी मार्केट क्या होता है? – Money Market in Hindi

मनी मार्केट में वो financial instrument आते है जिन के जरिये कंपनी Short Term के लिए fundraise करते है यहाँ पर Short Term का मतलब है १ साल से काम टाइम पिरेड।

कंपनी short term में लगने वाले पैसो की जरूरत पूरा करने के लिए मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट जैसे की सर्टिफिकेट ऑफ़ डिपाजिट, कमर्सिअल पेपर, रिपर्चेसे अग्रीमेंट, Etc. उनके जरिये short term के लिए पैसे उधार देती है।

मनी मार्केट में मुख्य इंटरबैंकिंग लैंडिंग होती है जहा बैंक मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट के जरिये एक दूसरे को पैसे उधार देते है मनी मार्केट को RBI यानि Reserve Bank Of India रेगुलेट करती है आप मनी मार्केट अकाउंट या मनी मार्केट म्युचअल फंड के जरिये आप आसानी से मनी मार्केट में इन्वेस्ट कर सकते हो।

मनी मार्केट अकाउंट सेविंग अकाउंट का ही एक प्रकार है जिस में आपको सेविंग अकाउंट से ज्यादा रिटर्न मिलता है लेकिन मनी मार्केट की मिनिमम बैलेन्स Requirement सेविंग अकाउंट से ज्यादा होती है।

कॅपिटल मार्केट क्या होता है? – Capital Market in Hindi

कॅपिटल मार्केट में वो financial instrument आते है जिनके जरिये कंपनी long term के लिए फण्डरेज करती है यहाँ पर long term का मतलब है १ साल से ज्यादा टाइम पिरेड।

कंपनी या गवर्मेट अपनी long term में लगने वाली पैसो की जरूरतों को पूरा करने के लिए कॅपिटल मार्केट इंस्ट्रूमेंट जैसे की स्टॉक और बॉन्ड के जरिये फण्ड रेज करते है कॅपिटल मार्केट को SEBI यानि Securities and Exchange Board of India रेगुलेट करती है।

कॅपिटल मार्केट इंस्ट्रूमेंट में मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट से ज्यादा रिस्क होता है और रिटर्न भी मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट से ज्यादा होते है कैपिटल मार्केट के दो प्रकार है।

  1. प्राइमरी मार्केट और
  2. सेकेंडरी मार्केट

अगर आपको प्राइमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट क्या है ये पता नहीं है तो आप निचे दिए हुए link को क्लिक करके पता कर सकते है।

हम आशा करते है की हमारी ये (मनी मार्केट और कॅपिटल मार्केट क्या होता है? – Money Market and Capital Market in Hindi) ब्लॉग पोस्ट आपको पसंद आयी होगी अगर आपको शेयर मार्केट से जुड़ा कोई भी सवाल है तो आप कृपया कमेंट में जरूर पूछे।

।। धन्यवाद ।।

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