इस Blog में Securities Market क्या है ? (What Is Securities Market) और Segments Of Securities Market की जानकारी हिंदी में आपको मिल जाएगी।

Securities Market क्या है (What Is Securities Market) :-

Securities Market (सिक्योरिटी मार्केट) एक ऐसी जगह है, जहाँ पर खरीददार और विर्केता Shares (शेअर्स), Bond (बाँड) और Debentures (डिबेंचर) इत्यादि की खरीदी और बिक्री का सौदा कर सकते है।

साथ ही Market Corporate (मार्केट कॉर्पोरेट), Business industry (व्यापार उद्योग) क्षेत्र के साहसी लोगों को उनके कंपनी और Business (व्यापार) के लिए रक्कम जुटाने का जरिया दिलाने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

इस Market (बाज़ार) के माध्यम से जिन लोगों के पास निष्क्रिय धन उपलब्ध है उन Investors (निवेशकों) के पास से वह निष्क्रिय धन जिन्हे जरूरत है उन Corporate (कॉरपोरेट) जगत के लोगों के पास Transfer किए जा सकता है।

Securities Market (सिक्योरिटी मार्केट) के माध्यम से यह कार्य बहुत आसानी से किया जा सकता है।

Securities Market (सिक्योरिटी मार्केट) Investors (निवेशकों) को बचत के रूपयों से कितना हिस्सा बचत के लिए और कितना हिस्सा व्यापार के लिए इस्तेमाल करना चाहिए इसके लिए मार्गदर्शित करती है।

बचत को निवेश से जोड़ने वाली अलग अलग मध्यस्थी संस्थाद्वारा Issue (इश्यु) किए गए असंख्य आर्थिक प्रोडक्टस को Securities (सिक्योरिटी) के नाम से पहचाना जाता है।

Regulatory Body SEBI (रेग्युलेटरी बॉडी सेबी) :-

Share Market (शेअर बाज़ार) के कामकाज पर पूरी तरह सरकार का अंकुश है। इसी वजह से Investors (निवेशको) के पैसे का रक्षण होता है। दलाल के कामकाज पर Share Market (शेअर बाज़ार) के अधिकारी नज़र रखते है।

कोई भी शिकायत आने पर उनकी जाँच होती है और कानून के नियमों को भंग करनेवालों को दंड अथवा शिक्षा होती है। भारत सरकार ने उसके लिए सिक्योरिटीज और एक्सचेंज बोर्ड यह संस्था बनाई है, उसे Securities and Exchange Board of India (SEBI) कहा जाता है।

इस संस्था के संचालक शेअर दलाल के कामकाज पर ध्यान रखते है, इसकी स्थापना सेक्शन ३ ऑफ SEBI ACT १९९२ के अंतर्गत हुई है।

Securities and Exchange Board of India (SEBI) का कानून १९९२ के हिसाब से उसे Statutory Powers (स्टेच्युटरी पावर्स) दिए गए है। वह आगे दिए है।

  1. Investors (निवेशकों) का रक्षण करना।
  2. Securities Market (सिक्योरिटी मार्केट) पर अंकुश रखना और किसी भी प्रकार का गैर कानूनी व्यवहार न होने देना।
  3. Stock broker (शेयर दलाल), Merchant Bankers (मर्चट बैकर), Portfolio Manager (पोर्टफोलीओ मैनेजर) इत्यादि को रजिस्टर कराना और नियमों से काम करवाना।
  4. Mutual Fund (म्युच्युअल फंड) को रजिस्टर करना और नियमों से काम करवाना।
  5. अंतर्गत Treading (ट्रेडिंग) नहीं होगी इस पर ध्यान रखना।
  6. नए वितरण की जाच करके अनुमती देना।

Securities Market Participant (Securities Market (सिक्योरिटी मार्केट) में भाग लेने वाले) :-

Securities (सिक्योरिटीज) में तीन प्रकार के वर्ग हिस्सा लेते है।

  • जो Securities (सिक्योरिटीज) का वितरण करते है।
  • जो Securities (सिक्योरिटीज) में निवेश करते है।
  • बीच के लोग जैसे कि Merchant Bankers (मर्चट बैकर), Stock broker (शेयर दलाल), आदि।

Segments of Securities Market (Securities Market (सिक्योरिटी मार्केट) के सेगमेंट) :-

Securities Market (सिक्योरिटी मार्केट) के दो विभाग कर सकते है।

  • Primary Market (प्रायमरी मार्केट)
  • Secondary Market (सेकंडरी मार्केट)

Primary Market (प्रायमरी मार्केट) :-

Primary Market (प्रायमरी मार्केट) एक ऐसा स्थान है, जहाँ पर IPO (Initial Public Offering) के माध्यम से नई Securities (सेक्युरिटीस) की बिक्री की जाती है। .

Secondary Market (सेकंडरी मार्केट) :-

Secondary Market (सेकंडरी मार्केट) यह एक ऐसा स्थान है, जहा पर Primary Market (प्रायमरी मार्केट) में IPO (Initial Public Offering) के जरिए बेची गई Securities (सिक्योरिटीज) को दुबारा खारीदा बेचा जाता है अथवा उनका Treading (ट्रेडिंग) किया जाता है।

।। धन्यवाद ।।

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