क्या आपको पता है की टेक्नीकल अ‍ॅनालिसीस स्टेप बाय स्टेप – Technical Analysis Step By Step in Hindi अगर आपको पता नहीं है तो आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़े.

टेक्नीकल अ‍ॅनालिसीस स्टेप बाय स्टेप – Technical Analysis Step By Step in Hindi

१. सबसे पहले ट्रेन्ड निश्चित कीजिए (Determine the Trend):

  • पहले मासिक चार्ट देखिए : वह आपको दिर्घ कालावधी का ट्रेन्ड निश्चित करने में मदद करता है।
  • उसके बाद साप्ताहिक चार्ट देखिए : वह आपको मध्यम कालावधी का ट्रेन्ड निश्चित करने में मदद करता है।
  • बाद में दैनिक चार्ट देखिए : वह आपको कम कालावधी का ट्रेन्ड निश्चित करने में मदद करता है।

नोट (Note):

  • अगर सभी चार्ट सकारात्मक हो तो एक मजबूत तेजी की अपेक्षा की जा सकती है।
  • अगर मासिक और साप्ताहिक चार्ट ऊपर हो और दैनिक चार्ट नीचे हो तो आपको घटाव के साथ खरीदी करने का मौका मिलता है ऐसा समझना चाहिए।
  • अगर मासिक और साप्ताहिक चार्ट नीचे हो और दैनिक चार्ट ऊपर वाला ट्रेन्ड दर्शाता हो तो आपको ऊपर के रेसिस्टन्स के नज़दीक बिक्री का मौका उपलब्ध कराता है।
  • हमेशा ध्यान में रखिए : ट्रेन्ड की दिशा में ही हमेशा ट्रेडिंग करनी चाहिए।दिर्घ कालावधी का ट्रेन्ड अधिक विश्वास पात्र होता है।
  • मुविंग अँवरेज, एमएसीडी आदि सूचकों की मदद से ट्रेन्ड निश्चित कीजिए।

२. ऐसे शेअर्स की तलाश कीजिए जिन्होंने तेजी में ५२ सप्ताह का नया ऊंचा स्तर पार किया है या फिर ऑल टाईम हाई स्तर पार किया है या मंदी के ५२ सप्ताह का लो भाव तोड़ा है या फिर ऑल टाईम नया लो भाव बनाया है। (Scan for Stocks Making 52 Week Highs or All Time Highs or 52 Week Lows or All Time Lows)

  • ऊपर बताया है उस तरह से ऐसे शेअर्स को स्कॅन करके, फिल्टर करके उन पर लक्ष्य केंद्रित किया गया तो अधिक मेहनत से बचा जा सकता है। ऐसे शेअर्स तेजी में हो तो अधिक आगे बढ़ते हए दिखाई देते है और मंदी में उसमें अधिक घटाव होने की संभावना होती है।

३. चार्ट की रचना को जानिए (Spot Patterns if any) :

  • चार्ट पर किसी रचना का निर्माण होते हुए दिखाई दे तो उसकी जाँच कीजिए। किसी भी रचना की विशेषता को ध्यान में लेकर खरीदी का या फिर बिक्री का निर्णय लीजिए।

४. डायवर्जन्स पर ध्यान रखिए (Spot Divergence if any):

  • भाव और किसी सूचक के दरम्यान सकारात्मक या नकारात्मक डायवर्जन्स दिखाई देने पर कम कालावधी में आनेवाली तेजी का या फिर मंदी का पूर्व संकेत मिलता है। इसलिए उन पर ध्यान रखना चाहिए।

५. ओसिलेटर के सपोर्ट और रेसिस्टन्स की जाँच कीजिए (Check Oscillator Supports and Resistances) :

  • आरएसआय जैसे सूचक स्वयं के स्थापित सपोर्ट और रेसिस्टन्स पर से वापस घुमते हुए दिखाई देते है। इसलिए ऐसे स्तर पर ध्यान रखना चाहिए।
  • उसी तरह से एमएसीडी भी स्वयं के स्थापित सपोर्ट और रेसिस्टन्स पर से वापस घुमते हुए दिखाई देते है। इसलिए उन पर ध्यान रखना चाहिए।

६. मुविंग ॲवरेज की जाँच कीजिए (Check Moving Averages):

  • महत्व के अवरेज पर भाव सपोर्ट ले सकता है और रेसिस्टन्स भी दे सकता है।
  • ट्रेन्ड स्थापित होता है तब कोई निश्चित अवरेज ट्रेन्डलाईन की तरह भी कार्य करते हुए दिखाई देता है। जहा पर भाव लगातार सपोर्ट लेता है।
  • ट्रेन्ड स्थापित नहीं होता तब साईडवेज बाज़ार में दो महत्व के अवरेज के दरम्यान भाव सपोर्ट और रेसिस्टन्स पर अटका हुआ दिखाई देता है।
  • मुविंग ॲवरेज का ट्रेन्ड स्थापित होता है तब बढ़ते हुए या फिर घटते हुए बाज़ार में साथ ही शेअर्स में अच्छा काम देता है।

७. मोमेन्टम की जाँच कीजिए (Check Momnetum):

  • उतार-चढ़ाव की तीव्रता का नापतोल करने के लिए आरएसआय स्टॉके स्टिक जैसे सूचकों का उपयोग कीजिए।

नोट (Note):

अगर कोई मजबूत ट्रेन्ड स्थापित हुआ हो तो उसमें आरएसआय स्टॉकेस्टिक जैसे सूचकों का उपयोग बॉटम या टॉप का नापतोल करने के लिए कीजिए।

८. कॅन्डलस्टिक की जाँच कीजिए (Check Candlestick Formations) :

  • कॅन्डलस्टिक रचना के आधार पर आने वाले उतार-चढ़ाव के विषय में आपको पूर्व सूचना मिल सकती है। इसलिए उन पर ध्यान रखना जरूरी है।

विविध नापतोल :

तेजीवाले शेअर्स के चार्ट की स्थिति :

आरएसआय (RSI):

मासिक चार्ट पर > ५०

साप्ताहिक चार्ट पर > ५०

दैनिक चार्ट पर > ५०

मुविंग ॲवरेज (Moving Average):

३ दिनों का ॲवरेज ७ के ऊपर होता है, ७ दिनों का अँवरेज १४ के ऊपर होता है, १४ दिनों का ॲवरेज २१ के ऊपर होता है, २१ दिनों का अँवरेज ५० के ऊपर होता है, ५० दिनों का अँवरेज १०० दिनों के ऊपर होता है और १०० दिनों का अँवरेज २०० के ऊपर होता है।

३>७>१४>२१>५०>१००>२००

एमएसीडी (MACD): ‘०’ के ऊपर और सुधार की दिशा में होता है।

भाव (Price): बावन-सप्ताह के नए स्तर को पार करता है।

नोट (Note):

  • ऊपर बताई हुई स्थिति स्थापित होती है तब एक समान तेजी दिखाई देती है।
  • जब तक यह स्थिति होती है तब तक सुधार ही नज़र आता है।
  • भाव नज़दीक के ॲवरेज पर सपोर्ट लेकर सुधार की दिशा में ही होता है।
  • दैनिक चार्ट पर आरएसआय ५० पर सपोर्ट लेता है और फिर उसमें सुधार होता है।

मंदी के शेअर्स में दिखाई देने वाली स्थिति :

आरएसआय (RSI):

मासिक चार्ट पर <५०

साप्ताहिक चार्ट पर < ५०

दैनिक चार्ट पर <५०

मुविंग ॲवरेज (Moving Average): भाव सभी ॲवरेज के नीचे होता है।

३<७<१४<२१<५०<१००<२००

एमएसीडी (MACD): ‘0’ के नीचे और गिरावट की दिशा में होता है।

भाव (Price): बावन-सप्ताह का नया निचला स्तर बनाता है।

नोट (Note):

  • ऊपर दी हुई स्थिति स्थापित होती है तब एकसमान घटाव दिखाई देता है।
  • जब तक यह स्थिति होती है तब तक गिरावट ही दिखाई देती है।
  • महत्व के ॲवरेज पर प्रत्येक चढ़ाव रेसिस्टन्स देता है और भाव नया निचला स्तर बनाता है।
  • दैनिक चार्ट पर आरएसआय की बढ़ोतरी ५० का रेसिस्टन्स देती है और उस स्तर पर से गिरावट का आरंभ होता है।

साईडवेज, रेन्जबाऊन्ड स्थिति वाले शेअर्स में दिखाई देने वाली स्थिति :

आरएसआय (RSI):

  • मासिक चार्ट पर वह ५० के नज़दीक होता है।
  • साप्ताहिक चार्ट पर वह ‘५०’ के आजूबाजू में होता है।
  • दैनिक चार्ट में ‘३०’ और ‘७०’ के दरम्यान भी आरएसआय घुम सकता है।

नोट (Note):

  • कम कालावधी के लिए ट्रेडिंग करने वाले लोग ऐसी स्थिति में आरएसआय का अच्छी तरह से उपयोग कर सकते है। जिसमें इस दरम्यान तैयार होने वाले बॉटम पर खरीदके टॉप पर निकल सकते है।

मुविंग ॲवरेज (Moving Average): फ्लॅट मुव्हमेन्ट दर्शाता है।

भाव (Price): सभी अॅवरेज में कोई भी दो महत्व के अवरेज के दरम्यान दिखाई देता है।

नोट (Note):

  • ऐसे वक्त सकारात्मक या नकारात्मक ब्रेक आऊट नहीं आता तब तक खरीदी या बिक्री नहीं करनी चाहिए।
  • एक स्थापित रेन्ज में आरएसआय आता है ऐसे वक्त तुरंत ३० और ७० के दरम्यान घुम सकता है।
  • बहुत ही फ्लॅट मुव्हमेन्ट में आरएसआय ७० से ४० के बिच में भी दिखाई देता है।

हम आशा करते है की हमारी ये (टेक्नीकल अ‍ॅनालिसीस स्टेप बाय स्टेप – Technical Analysis Step By Step in Hindi) ब्लॉग पोस्ट आपको पसंद आयी होगी अगर आपको शेयर मार्किट से जुड़ा कोई भी सवाल है तो आप कृपया कमेंट में जरूर पूछे।

।। धन्यवाद ।।

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3 टिप्पणियाँ

शेयर ब्रोकर का चुनाव कैसे करें? - How To Choose A Stock Broker In Hindi · मार्च 4, 2021 पर 5:18 अपराह्न

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