Types of Investment (निवेश के आयोजन के प्रकार)

Table of Contents

Investment करने से पहले आपको Invest के सारे प्रकार (Types of Investment) पता होना जरुरी है जैसे की Physical Assets Investment और Financial Assets Investment

Physical Assets Investment (भौतिक निवेश) :-

Physical Assets Investment (भौतिक निवेश) आगे दिए हुए तरीकों से किया जाता है। उदा. सोना या जमीन खरीदना, इत्यादि।

Financial Assets Investment (रूपयों का निवेश) :-

Financial Assets Investment आगे दिए हुए तरीको से किया जाता है। उदा. बैंक की बचत योजना, पोस्ट की बचत योजना, पी.पी.एफ, पेन्शन योजना और शेअर बाज़ार में निवेश करना, इत्यादि।

निवेश के आयोजन के प्रकार नीचे दिए गए है :-

  1. पब्लिक प्रोविडन्ट फंड
  2. नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट
  3. बैक फिक्स डिपॉजिट
  4. बैक रिकरींग डिपॉजिट
  5. इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड
  6. कंपनी फिक्स डिपॉजिट
  7. आर.बी.आय रिलीफ बॉन्ड
  8. पोस्टआफिस टाईम डिपॉजिट
  9. पोस्टआफिस मंथली स्किम
  10. पोस्टआफिस रिकरींग डिपॉजिट
  11. नेशनल सेविंग स्किम
  12. किसान विकास पत्र
  13. मिच्युअल फंड युनिट्स
  14. शेअर
  15. डिबेन्चर
  16. सरकारी सेक्युरिटीज

1. Public Provident Fund (पब्लिक प्रोविडन्ट फंड) :

Public Provident Fund (पब्लिक प्रोविडंट फंड) (PPF) टॅक्स की बचत करने के लिए सबसे प्रसिद्ध योजना है। PPF (पी.पी.एफ) का खाता SBI (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) तथा उनकी सहायक बैंक, अन्य राष्ट्रीयकृत और कुछ निजी बैंकों और कुछ नियुक्त पोस्ट ऑफिस में खोल सकते है।

Public Provident Fund (PPF) खाता सिर्फ ५०० रू. जमा करके अपने नाम पर अथवा अपने नाबालिग (minor) बच्चों के नाम पर खोला जा सकता है। उसका वार्षिक चक्रवाढ़ ब्याज ८% है। वह हमें सरकार ने तय किए नियमों के अनुसार समय समय पर मिलता है।

Advantages Of Public Provident Fund (पब्लिक प्रोविडन्ट फंड के फायदे) :-

  • तीन वर्ष के बाद इस पर ऋण ले सकते है।
  • आपके रूपए पूरी तरह सुरक्षित रहते है।
  • आप अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर पी.पी.एफ. खोल सकते है और कर (टॅक्स) में छूट ले सकते है।
  • पी.पी.एफ. की राशी कर से पूरी तरह मुक्त होती है।
  • पी.पी.एफ. में रखी हुई राशी पर न्यायालय जप्ती नहीं ला सकता। उसी तरह रूपए उधार देनेवाला भी उस पर जप्ती नहीं ला सकता।

Disadvantages Of Public Provident Fund (पब्लिक प्रोविडन्ट फंड के नुकसान) :-

  • योजना की कालावधी १५ वर्ष होती है। यह योजना बुजूर्ग लोगों के लिए उचित नहीं है।
  • पहले चार वर्ष तक जमा की गई राशी का केवल ५०% हिस्सा आप सातवें वर्ष के बाद निकाल सकते है।

2. National Savings Certificate (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट) :-

National Savings Certificate (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट) (NSC) सुरक्षित और कर में छुट दिलानेवाली योजना है। उसका चक्रवाढ़ ब्याज ८% है।

ब्याज की गीनती हर छे महीने होती है। इस योजना को सरकार की रजामंदी है, इसीलिए यह पूरी तरह सुरक्षित है। इसका फिजीकल सर्टिफिकेट पोस्ट ऑफिस द्वारा दिया जाता है।

Advantages Of National Savings Certificate (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट के फायदे) :-

  • इस योजना के अंतर्गत हम बैंक से ऋण ले सकते है।

3. Bank Fixed Deposit (बैंक फिक्स डिपॉजिट) :-

आप जब बैंक में निर्धारीत समय के लिए और निर्धारीत ब्याज पर रक्कम रखते है, उसे Fixed Deposit (FD) कहते है।

निर्धारीत समय में आपको ब्याज के साथ जमा रक्कम वापस मिलती है। आज इस योजना में बैक ६ – ७% ब्याज देती है। ब्याज का दर तय किए समय पर निश्चित होता है।

अगर Fixed Deposit (FD) की राशी अधिक है। तो ब्याज का दर साधारणत: अधिक होता है। इन सभी योजनाओं में यह फ़ायदेमंद होता है। जितनी कम नीचे रक्कम आपको रखनी है वह आप रख सकते है।

Advantages Of Bank Fixed Deposit (बैंक फिक्स डिपॉजिट के फायदे) :-

  • यह सबसे सुरक्षित Invest है। इसके आधार पर हमें बैक से ७५% से ९०% ऋण मिलता है। वह हमें जो ब्याज देते है उस पर २% अधिक लेते है।
  • नेशनलाईज बैंक अथवा कोई भी नामचिन बैंक की योजना १०० प्रतिशत सुरक्षित होती है।

Disadvantages Of Bank Fixed Deposit (बैंक फिक्स डिपॉजिट के नुकसान) :-

  • इस योजना में दुसरी योजनाओं की तुलना में ब्याज दर कम होता है।

4. Recurring Bank Deposit (रिकरींग बैंक डिपॉजिट) :-

इस योजना में आप निश्चित समय के लिए हर महिने तय की हुई रक्कम जमा कर सकते है और उस पर मिलनेवाले ब्याज की जानकारी बैंक आपको देती है।

इस योजना में स्थिर ब्याज के साथ मुल रक्कम वापस मिलती है। यह योजना कम आयवालों के लिए अधिक लाभदायक है।

Advantages Of Recurring Bank Deposit (रिकरींग बैंक डिपॉजिट के फायदे) :-

  • इस योजना में थोड़ी थोड़ी रक्कम हर महिने जमा करके निश्चित समय के बाद मोटी रक्कम मिलती है, इसीलिए यह योजना मध्यमवर्गीय लोगों के लिए लाभदायक है।
  • यह योजना नौकरी करनेवालों के लिए साथ ही साथ छोटे व्यवसाईयों के लिए अधिक फायदेमंद है।

Disadvantages Of Recurring Bank Deposit (रिकरींग बैंक डिपॉजिट के नुकसान) :-

  • इस योजना में दुसरी योजनाओं की तुलना में ब्याज दर कम होता है।

5. Infrastructure Bond (इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड) :

यह बॉन्ड ICICI Bank और IDBI Bank जाहीर करते है। इनका नाम ICICI Safety Bond और IDBI Bond है।

ICICI Bank का Deep Safety discount bond आयकर में छूट दिलाने के लिए प्रसिद्ध है। यह बॉन्ड फिजिकल या Demat के जरीए मिल सकते है।

Advantages Of Infrastructure Bond (इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड के फायदे) :-

  • यह Bond हम बैंक में रखकर ऋण ले सकते है। इस ऋण की रक्कम उसके वर्तमान कीमत पर निर्भर है।

6. Company Fixed Deposit (कंपनी फिक्स डिपॉजिट) :-

Financial Institutional और Non Banking Finance कंपनी में आप ब्याज पर निश्चित समय के लिए पैसे रख सकते है। यह योजना कंपनी Act ५८ के अंतर्गत आती है।

इस योजना में खतरे का प्रमाण अधिक है। पंरतु इस योजना में ब्याज दर बैंक से अधिक होता है।

इस योजना में अगर कंपनी संकट या घाटे में आई तो ब्याज मिलना कठिन होता है और कई बार मुल रक्कम मिलने की भी गुंजाईश नहीं होती। इस कारण इसमें खतरा अधिक है।

Advantages Of Company Fixed Deposit (कंपनी फिक्स डिपॉजिट के फायदे) :-

  • इस निवेश योजना में ब्याज का प्रमाण Bank, Post Office, PPF से अधिक है।

Disadvantages Of Company Fixed Deposit (कंपनी फिक्स डिपॉजिट के नुकसान) :-

  • कंपनी Deposit असुरक्षित Invest है। इस में रूपयों के निवेश के लिए Credit, Rating जान लेना महत्वपूर्ण है और अगर ब्याज दर अधिक है तो खतरा भी अधिक हो सकता है।
  • कंपनी किसी कारण कठिनाई में आई तो ब्याज और मुल रक्कम वापस मिलना कठिन हो सकता है। वैसे ही इस Invest में भरोसा नहीं होता, इसीलिए इस योजना से दूर रहने की सलाह मैं आपको देता हूँ।

7. RBI Relief Bond (आर.बी.आय रिलीफ बॉन्ड) :-

यह Bond Reserve Bank खुद निकालते है। उनका वर्तमान ब्याज ८% है। जो पहले ८.५% होता था। इसके ब्याज की गीनती हर महिने होती है।

इसका निर्धारीत समय पाँच वर्ष है। इसके आवेदन पत्र नियुक्त किए State Bank की शाखाओं और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा में मिलता है। इस बॉन्ड पर मिले हुए ब्याज पर कर लगता है।

इस निवेश योजना में हम कम से कम हजार रूपए रख सकते है। इस Bond को Relief Bond भी कहते है। यह १००० के गुणांक में मिलता है। इस निवेश में कोई मर्यादा नहीं है।

Advantage Of RBI Relief Bond (आर.बी.आय रिलीफ बॉन्ड के फायदे) :-

  • RBI Bonds योजना के चलते हम Bank से ऋण ले सकते है।
  • यह सबसे सुरक्षित Invest योजना है। इसका ब्याज और मुल रक्कम निश्चत समय के बाद वापस मिलती है। इस योजना में कोई भी खतरा नहीं क्योंकि यह Bond हमारे देश की Central Bank निकालती है।

8. Post Office Time Deposit (पोस्ट ऑफिस टाईम डिपॉजिट) :-

Post Office Time Deposit (पोस्ट ऑफिस टाईम डिपॉजिट) Invest में वार्षिक चक्रवाढ़ ब्याज का दर नीचे दिया गया है और उसका ब्याज हर ३ महिने के बाद मिलता है। यह Invest हम देश के किसी भी Post Office में कर सकते है।

  • पहला वर्ष ६.२५%
  • दुसरा वर्ष ६.५०%
  • तीसरा वर्ष ७.२४%
  • चौथा वर्ष ७.४०%

इस योजना में किसी भी प्रकार की रेटींग नहीं है क्योंकि इस योजना को सरकार की मंजूरी है।

इसके Deposit की रक्कम आपको Post में ही जमा करनी होती है और वह निश्चित समय के बाद Post से ही वापस मिलती है।

Advantage Of Post Office Time Deposit (पोस्ट ऑफिस टाईम डिपॉजिट के फायदे) :-

  • इस योजना में सरकार के सहकार्य के कारण समय की निश्चित अवधि के बाद क्कम ब्याज सहित वापिस मिलती है।

9. Post Office Recurring Deposit (पोस्ट ऑफिस रिकरींग डिपॉजिट) :-

यह निवेश बैंक के रिकरींग योजना जैसे ही है। यह योजना अधिक समय के लिए अच्छी है। परंतु नियमित आय के लिए योग्य नहीं।

इसमें हम छोटे छोटे हिस्सों से बड़ी रक्कम बना सकते है। इस योजना में Post Office ७.५% ब्याज देता है।

अगर आप पाँच वर्षों के लिए रिकरींग योजना में हर महिने १००० रूपए भरते है, तो मॅच्युरिटी के समय आपको ७२,८९० रू. मिलेंगे।

Advantages Of Post Office Recurring Deposit (पोस्ट ऑफिस रिकरींग डिपॉजिट के फायदे) :-

  • Post Office Scheme भी सरकार का सहकार्य है। Post में ब्याज और मुल रक्कम सुरक्षित होती है। रक्कम समय की निश्चित अवधि के बाद में वापस मिलती है।

10. Post Office Monthly Income Scheme (पोस्ट ऑफिस मासिक इन्कम स्किम) :-

इस योजना में Investors को हर महिने ब्याज मिलता है। जिन्हे हर महिने कमाई चाहिए उनके लिए यह योजना अच्छी है।

इस योजना में सिर्फ एक बार पैसा जमा कीजिए और हर महिने ब्याज लीजिए। इस योजना का लाभ अधिकतर निवृत्त व्यक्ति अथवा विधवा स्त्रियों ने अपना खुद का खर्च चलाने के लिए करना चाहिए।

इस योजना का वर्तमान ब्याज ८% है।

11. National Saving Scheme (नेशनल सेविंग स्किम) :-

यह योजना Post Office के जरीए चलती है। इसमें ७ प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। इस योजना में आयकर विभाग के टॅक्स में छूट मिलती है।

यह पूरी तरह सुरक्षित Invest है। एकबार ब्याज का दर तय हुआ तो फिर से कम नीचे नहीं होता। यह योजना देश के किसी भी Post Office (पोस्ट ऑफिस) में उपलब्ध है।

यह योजना चार वर्षों के लिए होती है। उसका समय ४ वर्षो से बढ़ाना हो तो वह हो सकता है। इसके लिए फार्म Post Office (पोस्ट ऑफिस) में मिलता है।

Disadvantages Of National Saving Scheme (नेशनल सेविंग स्किम के नुकसान) :-

  • इस योजना के जरिए बैंक से ऋण नहीं मिलता।

12. Kisan Vikas Patra (किसान विकास पत्र) :-

इस योजना में Invest आठ वर्ष और सात महिने में दुगनी होती है। इस योजना में रूपए निर्धारीत समय से पूर्व मिल सकते है और इसकी बिक्री देश के सभी Post Office (पोस्ट ऑफिस) में होती है।

इस योजना में ८ प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। इस योजना में नियमित आय नहीं मिलती। इसे सरकार की अनुमति है, इसीलिए यह सुरक्षित योजना है।

13. Mutual Fund (म्युच्युअल फंड) :-

Mutual Fund एक ट्रस्ट है, यह ट्रस्ट चॅरिटी कमिशन ऑफ ट्रस्ट के पास रजिस्टर होती है। यह संस्था लोगों से रूपए जमा करके अलग अलग सिक्योरिटी में उन रूपयों का निवेश करते है।

निवेश उस स्किम के उददेश के जैसा होता है।

दूसरे शब्दों में कहा जाए तो Mutual (म्युच्युअल) मतलब सामान्य लोगों की लागत कत्रित करना और उसका Invest करने का जरीया है।

14. Share (शेयर):-

वित्तीय भाषा में, अंश अथवा Share का अर्थ किसी कम्पनी में भाग या हिस्सा होता है। एक कंपनी के कुल मालिकी (ownership) को लाखों करोड़ों टुकड़ों में बॉट दिया जाता है।

मालिकी का हर एक टुकड़ा एक Share होता है यह Share जिसके नाम पर होते है उन्हे Share Holder कहा जाता है। वह कंपनी के भागिदार है ऐसा हम कहते है।

जिसके पास जितने ज्यादा Share होंगे, कंपनी में उसकी हिस्सेदारी उतनी ही ज्यादा होगी। कंपनी के Share Holder को मतदान करने का अधिकार होता है।

लोग इस हिस्सेदारी को ख़रीद और बेच भी सकते हैं। Share Market के लिए ही Stock Exchange बने हुए हैं।

भारत में Bombay Stock Exchange (BSE) और National Stock Exchange (NSE) प्रमुख Share बाज़ार है.

।। धन्यवाद् ।।

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श्रेणी: Share Market

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