10 REASONS WHY NEW INVESTORS LOSE MONEY IN STOCK MARKET IN HINDI

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ये १० गलतियों के कारण नए निवेशक स्टॉक मार्केट में पैसा गवाते है (10 Reasons Why New Investors Lose Money In Stock Market In Hindi) अगर आप ये १० गलतिया करने से बचेंगे तो आप जरूर एक सफल निवेशक बनेगे।

हम वरिष्ठ व्यापारियों और निवेशकों के शेअर बाज़ार के अनुभव से बहुत कुछ सिख सकते है। साथ ही स्वयं के अनुभव, गलतियाँ और मिलनेवाली कामयाबी से भी हम सिख सकते है।

आप कितनी बार भी लोगों को बताईए की अधिक लालच मत कीजिए फिर भी वो इन बातों की ओर दुर्लक्ष करेंगे। जिस समय उन्हें अपनी गलती समझ में आती है तब बहुत देर हो जाती है। (खुद की पूंजी गवांने के बाद उन्हें यह सत्य समझता है)। गलती करना एक सामान्य बात है। पर जानबूझकर बड़ी गलती कर बैठना ठिक नहीं।

हमारे निवेश के तरिके में कुछ खामीया रही तो हमें नुकसान होता है। जब आप अपनी ही गलती से स्वयं की पैसों गवांते है तब वह फिर से जुटाने के लिए बहुत मुश्किले आती है।

याद रखिए आप पैसे गवाने के लिए बाज़ार में निवेश नहीं करते। आपका उद्देश्य आपकी गलतियाँ रोकने के लिए होना चाहिए। सच है कि हम स्वयं ही खुद के शत्रू बनते है।

निवेशक से होने वाली गलतियाँ (Investor mistakes)

१. शेअर की कीमत एकदम कम होनेपर भी उनकी बिक्री न करना (You Don’t Sell Your Losing Stocks):-

किसी कारण से कुछ लोग कम भाव के शेअर बहुत समय तक नहीं बेचते। मार्केट नीचे जाते समय जल्दी से बाहर न निकलनेवाले निवेशक और ट्रेडिंग अकाऊन्ट कंगाल हुए है। कम कीमत के शेअर पकड़ कर रखना यह एक प्रकार की मानसिकता है।

जब कुछ लोग स्टॉक की बिक्री घाटे में करते है तब उन्हें लगता है कि इससे अधिक होनेवाले नुकसान से सुरक्षित बाहर निकले है। दुसरे कुछ लोग स्टॉक की बिक्री फायदे में करते है तब उन्हें लगता है कि अगर हम और रूकते तो हमें और फायदा होता और कुछ लोग कम भाव वाले स्टॉक की बिक्री ही नहीं करते।

वो ऐसी ही धारणा करते है कि कभी तो भविष्य में स्टॉक की कीमत बढ़ेगी। जब स्टॉक का भाव १० से १५ % से कम होता है तब लोग बुल मार्केट से बाहर न निकलते हुए अधिक शेअर की खरीदी करते है।

कईबार हम कम नुकसान में मार्केट से बाहर निकल सकते है। मगर कुछ लोग जिस शेअर में नुकसान नहीं होता उनकी बिक्री नहीं करते। ३ वर्ष की कालावधी के बाद उन्हें पता चलता है कि अब बहुत देर हो चुकी है।

इस कालावधी में आप अपने ६० से ७०% पूंजी गवाँ सकते थे और अब शेअर की बिक्री करने में भी बहुत देर हो चुकी है। शेअर की खरीदी योजनाबद्ध तरिके से करनी पड़ती है।

अगर आपको अपनी पैसों पर २० से २५% नुकसान हो रहा हो तो उस शेअर की तुरंत बिक्री करनी चाहिए। अब शेअर की खरीदी करते समय आपको २० से २५% नुकसान हुआ है यह ध्यान में रखकर फिर खरीदी कीजिए।

२. किसी शेअर की कीमत बहुत बढ़ते समय उसकी ठिक समय पर बिक्री न करना (You Let Your Winning Stocks Turn into Losers):-

कुछ शेअर धारक जब शेअर का भाव बढ़ता है तब उस वक्त जितना फायदा हो रहा है उसी में न बेचकर भविष्य में उसका भाव और भी बढ़ेगा ऐसा सोचकर उन्हें पकड़कर रखते है।

कभी ना कभी इसका विपरीत परिणाम होता है कि शेअर का वह बढ़ा हुआ भाव एकदम से नीचे आता है और होनेवाला फायदा तो जाता ही है और उसके साथ अपनी पैसे भी हम गवा बैठते है।

अगर आपके हाथ में (विनिंग) एकदम अच्छी गुणवत्ता के शेअर्स है और आप उनकी बिक्री करने को तैयार नहीं है तो आपको इनक्रीमेन्टल बिक्री का पर्याय लेना चाहिए।

उदा. आपको संपूर्ण लॉट में से ५०% शेअर्स की तो बिक्री करनी चाहिए और बचे हुए शेअर्स बाद में बेचना चाहिए। इससे अगर भाव बढ़ा तो फायदा होगा और कम हुआ तो ज्यादा घाटा नहीं होगा।

३. आप अपने स्टॉक के मामले में अधिक भावुक होते है (You Get too Emotional about Your Stock Picks):-

अगर आप अपनी भावनाओं पर संयम नहीं रख सकते तो आपको शेअर बाज़ार | से दूर रहना चाहिए। कई लोग शेअर बाज़ार में अधिक पैसों का निवेश करते है और कभी कभी अधिक भावुक होकर गलत निर्णय लेते है।

इस वृत्ती की वजह से आप पैसा गवाँते है। जो लोग इसमें कामयाब होते है उन्हें कभी कभी गर्व होता है और वे ऐसा समझते है कि वो जो भी व्यवहार करेंगे वो बराबर ही होगा।

इसके कारण उन्हें भविष्य में बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। जो तेजी के बाज़ार में पैसा कमाते है वे खुद को बहुत होशियार समझते है। एक पूरानी कहावत है कि “तेजी के बाज़ार (बुल मार्केट) में कोई भी होशियार नहीं।”

४. आप अपनी पूंजी एक या दो ही स्टॉक में लगाईए (You Bet All Your Money on Only One or Two Stocks):-

कुछ लोगों के पास पर्याप्त पैसे कम होने के कारण वो अपने पोर्टफोलीओ में डायवरसिफिकेशन नहीं कर सकते। अपने पोर्टफोलीओ की कुल रकम के ५ से ७% से अधिक पैसे एक ही स्टॉक में मत लगाईए।

डायवरसिफिकेशन के कारण आपके फायदे पर मर्यादा आती है पर साथी ही वह आपको आपके गलत निवेश से होनेवाले घाटे से बचाता है। जब आपके पास पर्याप्त पूंजी नहीं होती तब उस समय दुसरे भी क्षेत्र होते है।

जैसे कि म्युचुअल फंड, स्पेशल इंडेक्स फंड इत्यादि से शुरूआत करनी चाहिए। साथ ही आप प्रमाणित निवेश योजनाकार (Certified Investment Planner) की मद्द ले सकते है।

वो आपका पोर्टफोलीओ संभाल सकता है। और आपको डायवरसिफिकेशन के लिए अच्छा मशवरा दे सकता है।

५. अगर आपको व्यवहार अनुशासन और लचिलेपन से करना नहीं आता तो (You Are Unable to Be Both Disciplined and Flexible):-

अगर प्रोफेशनल निवेशकों में अनुशासन नहीं होगा तो वो अपना पैसा गवांते है। शेअर मार्केट में व्यवहार करने से पहले हमें खुद के ऐसे कुछ नियम, अनुशासन, भविष्य की योजना की रचना पहले तय करना चाहिए।

व्यवहार करते समय हमें हमेशा अनुशासनबद्ध होना चाहिए। यहाँ अपनी भावनाओं को अलग ही रखना चाहिए और अपने तय किए नियमों पर ही चलना चाहिए।

नियम बनाना याने हमें क्या करना है यह तय करना (यह बहुत आसान बात है) और हिम्मत और ताकत के बल पर उसे पूरा करना (यह बहुत कठिन बात है)

इस तरह हम व्यवहार करें तो भविष्य में हमें फायदा हो सकता बाज़ार में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन के साथ ही लचिलापन बहुत जरूरी है।

कुछ निवेशक कड़क अनुशासन का पालन करते है। मार्केट उनके विरूद्ध जाने के बाद या स्टॉक के भाव उन्होनें तय किए तरिके से नहीं बदला तो भी कुछ निवेशक खुद का निर्णय नहीं बदलते।

अनुशासन की नाव में रहनेवाला डुबनेवाले जहाज के साथ खुद भी डूब जाते है। बाज़ार में अनुशासन तो चाहिए ही मगर जब मार्केट आपके विरूद्ध जाता है और आप अपने पैसे गवांते है तो आपको अपनी नियमावली में बदलाव करते आना चाहिए। समय के अनुसार आपको लचिलेपन से व्यवहार करना होगा।

६. आप अपनी गलती से सिख नहीं लेते (You Don’t Learn from Your Mistakes):-

जो अधिक अनुभवी और होशियार व्यापारी होते है वो उन्हें मिलनेवाले फायदे से होशियार नहीं होते। उन्होने भुतकाल में कभी कभी व्यवहार में की हई गलतीयों से उन्हें जो घाटा होता है, उससे सिखकर वो ऊपर आए होते है।

१९९९ से २००१ के समय लोगों ने तुरंत अधिक परिश्रम न करते हुए बहुत फायदा हुआ था। असल में वो उनका घाटा था।

क्योंकि इतना सहजता से आने वाले पैसों को गवाने में भी उन्हें अधिक समय नहीं लगा क्योंकि कछ समय बाद मार्केट एकदम से नीचे उतरा और सभी लोगों का कमाया हुआ फायदा एक ही क्षण में गवांदिया।

जब आप पहलीबार निवेश करोगे वह कम रक्कम डालकर कीजिए। क्योंकि अगर आपको कुछ नुकसान हुआ तो उससे आप संभल सकते है और हमें एक अनुभव मिलता है। जिससे भविष्य के निवेश हम सतर्कता से कर सकते है।

७. आप गलत लोगों की बाते सुनते हैं (You Listen to Wrong People):-

अगर आपने कंपनी का फंडामेंटल (Fundamental Analysis) और टेक्निकल अ‍ॅनालिसिस (Technical Analysis) को देखा तो आपको कौनसे शेअर खरीदे इसकी ठिक से जानकारी मिलेगी। इस कारण कुछ लोग ऐसा न करते हुए मित्रों के अथवा शेअर दलाल की बातों पर विश्वास रखकर व्यवहार करते है।

कुछ मित्र या दलाल अपने स्वार्थ के लिए हमें गलत मशवरा देते है। इस कारण हमें बहुत नुकसान होता है। इसलिए हमें ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए और अगर आपने दुसरे का मशवरा लिया तो उस पर अमल करने से पहले नीचे दी गई बातों पर गौर कीजिए।

  • कंपनी के फंडामेंटल का ठिक तरह से विश्लेषण करके, उस कंपनी की नफा शक्ति जाँचकर देखना चाहिए। वह कंपनी समय समय पर डिविडन्ड दे सकती है या नहीं यह देखना चाहिए। वो कंपनी जिस सेक्टर में आती है, वहा माल की बिक्री अच्छी है या नहीं यह देखना चाहिए।
  • अगर आप किसी कंपनी का टेक्निकल अ‍ॅनालिसिस करते है, तो उनके रेजीस्टन्स और सपोर्ट का ठिकतरह से अभ्यास कीजिए और फिर शेअर की खरीदी कीजिए।
  • हमें कहा से मिले फंडामेंन्टल अ‍ॅनालिसिस से अथवा टेक्नीकल अ‍ॅनालिसिस से इसकी प्रथम जाँच कीजिए। आप सिर्फ अच्छे नामांकित अॅनालीस्ट पर विश्वास कीजिए। बाज़ार में किसी की भी दी हई टिप्स पर विश्वास मत कीजिए।
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८. अंधा अनुकरण मत कीजिए (You Follow the Crowd):-

शेअर मार्केट में जब सभी लोग बिक्री करते है, तब होशियार आदमी सभी शेअर की बिक्री न करते हुए कंपनी के फंडामेंटल से कुछ प्रमाण में खरीदी भी करते है। (Buy at every dips), जब सभी लोग खरीदी करते है तब होशियार आदमी थोड़ी थोड़ी बिक्री करता है।

९. आप में कठिन परिस्थिति का सामना करने की शक्ति का अभाव। (You Aren’t Prepared for the Worst):-

जब आप शेअर मार्केट में आते है तब सिर्फ पैसा कमाने की इच्छा से आते है और अगर बाज़ार नीचे आया तो आप घबराकर खुद का स्टॉक बेच देते है। इस परिस्थिति में कुछ लोग अपने पैसे और मानसिक संतुलन गवाँ बैठते है।

इसलिए शेअर बाज़ार में आने से पूर्व घाटा सहने की ताकत भी आप में होनी चाहिए। आप में जितना घाटा सहने की क्षमता है उतना ही जोखिम लीजिए।

हमने अपने अनुभव से नीचे दिया मार्गदर्शन किया है। परंतु इसका अनुकरण करते समय व्यक्ति का स्वभाव, उसकी पूंजी, उसके पास उपलब्ध समय इन सभी का विचार करना जरूरी है।

आप अपनी बचत से निवेश का हिस्सा तय करें और शेअर बाज़ार में दाखिल हो जाइए। इस निवेश से फायदा मिलता है तो लीजिए और बिना जोखिम के निवेश करे। आप की रक्कम सुरक्षित रहेगी।

अगर नुकसान हुआ तो आपको हुए फायदे से होगा। इससे आप की मूल रक्कम में कोई फर्क नहीं होगा। कम से कम भाव में खरीदना और ज्यादा से ज्यादा ऊपर के भाव में बेचना ऐसी आप की मनोवृत्ती मत रखिए।

इस तरह से कोई भी शेअर की खरीदी या बिक्री नहीं कर सकता और बाज़ार से कोई भी फायदा नहीं हो सकता। इसलिए खरीदी संभालकर कीजिए और बिक्री में अधिक लालच मत कीजिए। १५ से २५% मिलने वाले फायदे पर बिक्री करे।

१०. पैसों का गलत व्यवहार (You Miss Out or Mismanage Money):-

पैसों का व्यवहार ठिक तरह से कीजिए, यह काम कई व्यक्तियों के लिए कठिन होता है। पर यह बात जानलेना बहुत जरूरी है। अगर आपने ठिक तरह से पैसों का निवेश नहीं किया तो आपको भविष्य में बहुत नुकसान हो सकता है।

इसलिए जिस स्किम में आप अपनी मेहनत का पैसा लगाते है। उसकी ठिकतरह से जानकारी हासिल करनी ही चाहिए अन्यथा निवेश नहीं करना चाहिए।

ये १० गलतियों के कारण नए निवेशक स्टॉक मार्केट में पैसा गवाते है (10 Reasons Why New Investors Lose Money In Stock Market In Hindi) अगर आप ये १० गलतिया करने से बचेंगे तो आप जरूर एक सफल निवेशक बनेगे।

।। धन्यवाद ।।

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2 टिप्पणियाँ

निवेशकों के लिए सुरक्षा के उपाय - (Safeguards for Investors in Hindi) » AssetinvestocK · नवम्बर 5, 2020 पर 10:30 अपराह्न

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Online Share Treading क्या है? - Assetinvestock · नवम्बर 7, 2020 पर 11:00 अपराह्न

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